Fasal Krati

रतालू की सफल खेती कर विद्यारानी हुई मालामाल…

Last Updated: October 16, 2018 (06:27 IST)

महिलाओं की कृषि में भूमिका पुरातन काल से ही मुख्य है. महिलाओं  ने आज सभी क्षेत्रों में अपनी जीत का परचम लहराया है. ये कहानी ऐसी ही महिला की है, जिसने अपनी मेहनत के दम पर अपना नाम देश की 100 प्रगतिशील महिला किसानों में दर्ज करवाया है. किसान अनुसंधान केंद नई दिल्ली ने दमोह के बटियागढ़ के श्यामपुरा निवासी महिला किसान विद्यारानी को देश के 100 प्रगतिशील महिला किसानों में चुना है। विद्यारानी ने रतालू की खेती करके उन किसानों की दशा और दिशा बदलने की पहल की है, जो सिर्फ खरीफ और रवि की फसलें लगाते हैं और प्राकृितक आपदा के चलते उन्हें नुकसान सहना पड़ता है। ऐसे किसानों को नुकसान से उभरने के लिए यह खेती बड़ी कारगर साबित हो रही है।

दरअसल महिला किसान विद्याभारती ने 2 हेक्टेयर में रतालू की खेती करके अच्छा खासा लाभ कमाया है। महिला के इस प्रयोग को देखने के बाद आसपास के किसानों को खुद इस खेती को अपनाने का मन बना लिया है। महिला ने बताया कि पहले वह रतालू की खेती छोटे पैमाने पर करती थी, लेकिन जब उसकी उपज की अच्छी खासी डिमांड हो गई तो उसने सीधे दो हेक्टेयर में रतालू की खेती करना प्रारंभ कर दिया। महिला ने बताया कि एक हेक्टेयर में करीब एक लाख रुपए का खर्च आता है और उससे उपज करीब 5 से 6 लाख रुपए की हो जाती है। विद्यारानी की इस सफलता के चलते उसे दमोह में रतालू की उन्नत खेती करने वाली प्रथम प्रगतिशील महिला कृषक का दर्जा दिया गया है। महिला ने बताया कि उसने पहले अपने खेत में रतालू की खेती छोटे स्तर पर प्रारंभ की थी और पहले साल 0.10 हेक्टेयर में रतालू की खेती की, दूसरे साल 0.20 हेक्टेयर और इस साल लगभग 2 हेक्टेयर में खेती की। जिससे उसे अच्छा खासा लाभ हुआ है। विद्यारानी का कहना है कि रतालू की खेती में बदलते हुए मौसम अनुसार ज्यादा जोखिम नहीं है। मौसम की प्रतिकूलता के कारण खरीफ एवं रबी फसलंे खराब हो जाती है, जिससे किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है, मगर रतालू की खेती में फायदा ज्यादा तथा नुकसान कम है। इस प्रकार यह कम जोखिम वाली फसल है।

उसने बताया कि वह रतालू की सप्लाई सबसे ज्यादा सागर की शाहगढ़ सब्जी मंडी में करती है। वहां पर इसकी बहुत डिमांड है और असानी से बिक्री हो जाती है। एक किलो पर उसे 40से 50 रूपए मिलते हैं। महिला किसान के लिए खेती में फायदा देखकर गांव के आस-पास की महिलाएं भी रतालू की खेती की ओर आकर्षित हो रही हैं।

भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र ने विद्यारानी को देश की 100 प्रगतिशील महिला कृषकों में चुना है। महिला की सफलता की कहानी बताने के लिए केंद्र की ओर विद्यारानी का प्ररणादाई वीडियो तैयार कराया जा रहा है। जिसे दूसरी महिलाओं को दिखाकर प्रेिरत किया जाएगा। कृष विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज अहिरवार ने बताया कि केंद्र की ओर से चुनी गईं प्रगतिशील महिला कृषकों को दूसरे किसानों को प्रेरित करने का काम किया जाता है। महिला का वीडियो पूरे देश में एक साथ प्रसारित किया जाएगा।


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