Fasal Krati

पॉलीहाउस में सब्जी उगा हरबिंदर कमाते है प्रति एकड़ 5 लाख रूपये...

Last Updated: January 02, 2019 (00:39 IST)

होशियारपुर, पंजाब के गाँव भीखोवाल में रहने वाले किसान हरबिंदर सिंह संधू नैचुरली पॉलीहाउस लगाने वाले जिले के पहले सफल किसान हैं। सरकार से सब्सिडी की सहूलियत प्राप्त करके पॉलीहाउस लगाने वाले हरबिंदर बाकी किसानों के लिए भी रोल माडल बन गए हैं। उनको देख इलाके के कई किसान पॉलीहाउस लगा कर सब्जियों तथा फूलों की काश्त करने लगे हैं।

बीए पास किसान हरबिंदर सिंह संधू ने बताया कि उसके दादा बसंत सिंह पाकिस्तान में खेती करते थे और पिता बलवीर सिंह यूपी में बड़े किसान है। उन्होंने 1996 में भीखोवाल आकर 35 एकड़ जमीन खरीदी और 2008 में पॉलीहाउस का काम शुरू किया। वह 6 एकड़ में नैचुरली वेंटिलेटेड पॉलीहाउस लगा करीब साढ़े 5 एकड़ में रंगदार शिमला मिर्च और बीज रहित खीरा उगाते हैं। प्रति साल एक एकड़ में करीब 8 से 10 लाख की सब्जी का उत्पादन होता है, जिससे लागत निकालकर 5 लाख रुपए आमदन हो जाती है। मंडीकरण वह खुद की करते हैं और चंडीगढ़, पठानकोट, लुधियाना और अमृतसर में सब्जी बेचते हैं। उनको 20 रुपए से 275 रुपए किलो तक रेट मिलता है। 

उन्होंने 2003 से तुपका सिंचाई सिस्टम भी अपनाया है, ताकि पानी का प्रयोग कम हो। तुपका सिस्टम से पानी केवल जड़ों को ही लगता है, जिससे पानी की बर्बादी नहीं होती। संधू ने कहा कि उसने अपना ही नर्सरी यूनिट भी लगाया हुआ है तथा वे एचटीसी (हार्टीकल्चर ट्रेनिंग सेंटर, पूने) से ग्रीन हाऊस संबंधी, जबकि आईएचबीटी (इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायो रिसोर्स टेक्नोलॉजी, पालमपुर) से फूलों की नर्सरी प्रोडक्शन संबंधी ट्रेनिंग ले चुके हैं। 

पॉलीहाउस के लिए सरकार की 50% सब्सिडी : डीसी 

डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्ज्वल ने कहा कि किसानों को फसली चक्कर से निकलते हुए खेती करने के साथ-साथ सहायक धंधे अपनाने चाहिए। होशियारपुर जिले में करीब 8500 हेक्टेयर बागों का क्षेत्र है। जिसमें 60 फीसदी क्षेत्र किन्नू अधीन है। बागों के लिए 40 से 50 फीसदी, जबकि पॉलीहाउस पर 50 फीसदी सब्सिडी (करीब 19 लाख रुपए) सरकार की ओर से राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत दी जाती है। 

डिप्टी डायरेक्टर बागबानी विभाग नरेश कुमार ने बताया कि पॉलीहाउस पर सब्सिडी या जानकारी करने के लिए दफ्तर डिप्टी डायरेक्टर बागबानी, छाऊनी कलां में संपर्क किया जा सकता है। सब्सिडी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल करतारपुर से 3 दिन का प्रशिक्षण जरूरी है। यह प्रशिक्षण केवल एक हजार में प्राप्त किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान रहना तथा खाना मुफ्त मिलता है।


MORE ON THIS SECTION


This scientist got Limca Book of Record for most flowers

सर्वाधिक फूल खिलाने के लिए इस वैज्ञानिक को मिला लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड

क्या कभी आपने एक पौधे में 500 से ज्यादा फूल देखे हैं। अगर नही तो हम आपको एक ऐसे वैज्ञानिक के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने गेंदे के एक पौधे में 865 फूल खिलाएं हैं। इतना ही नहीं इन फूलों को कारण …

Kushika and Kanika are the hallmarks of organic farming

ऑर्गेनिक खेती की पहचान हैं कुशिका और कनिका

आज के युवा शहरी चमक धमक से प्रभावित हो कर शहरों में बसने की चाह में गांवों से तेजी से रलायन कर रहे हैं, लेकिन आज भी कुछ ऐसे भी युवा हैं जो महानगरों की चमक-धमक और अच्छी ख़ासी नौकरी और समस्त सुख सुविधाओं…

Abhishek is earning millions by doing organic farming

जैविक खेती कर लाखों की कमाई कर रहे हैं अभिषेक

खेती किसानी का काम घाटे का सौदा माना जाता रहा है। यही कारण है कि किसान अपने बेटों को किसानी नहीं करने देना चाहते। किसान भी अपने बेटों को पढ़ा लिखा कर अच्छे पद पर देखना चाहते हैं। इसी का नतीजा है कि गत्…

Bhajan Lal Kamboj teaches the lessons of water conservation

पानी संरक्षण का पाठ सिखाते हैं भजन लाल कंबोज

करनाल धरती से पानी का लगातार दोहन हो रहा है और जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। जिसके चलते गर्मी आते ही पानी की समस्या शुरू हो जाती है। हरियाणा के डार्क जोन में आने वाले जिलों के लिए पानी का संकट …

Horizontal Ad large