खेती से एक करोड़ की सालाना कमाई करता है यह नौजवान

कहते हैं शिद्दत से मेहनत किया जाय तो हर मुश्किल काम भी आसान हो जाता है। इसी शिद्दत की मेहनत से गुजरात के एक किसान ने अपना नाम कमाया है। यह कहानी है गुजरात के अमरेली जिले के रहने वाले 25 साल के हार्दिक रोकड़ की। हार्दिक आज इतनी कम उम्र में ही 1 करोड़ सालाना आय कमा रहे हैं। पढ़कर आपको आश्चर्य जरूर हो रहा होगा। लेकिन यह सच है। उन्हें यह इनकम खेती और किसानी के कामों से हो रही है। आज की तारीख में वे फल और सब्जियां उगाने के लिए एक आधुनिक तरीकों और तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कम खर्च में पैदावार बेहतर रहती है।

वे इतनी बेहतरीन खेती कैसे कर लेते हैं पूछ जाने पर उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने इस काम के लिए विधिवत प्रशिक्षण लिया है। यही छोटी सी ट्रेनिंग आज उनके काम आ रही है। हार्दिक के साथ 25 गांवों के लगभग 500 किसानों जुड़े हुए हैं।

हार्दिक को बचपन से ही खेती-किसानी करने का शौक था। इसी वजह से उन्होंने जूनागढ़ एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक की पढ़ाई की।  बीटेक के दौरान उन्हें कॉलेज से बेस्ट स्टूडेंट का अवार्ड भी मिला। हार्दिक ने आधुनिक तकनीक प्लास्टिकल्चर की ट्रेनिंग ली, जो खासतौर से सब्जियां और फूल उगाने में काम आता है। हार्दिक बताते हैं कि वे खुद नहीं जानते थे कि यही प्लास्टिकल्चर तकनीक उनकी जिन्दगी को बदल कर रख देगी।

उन्होंने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे कहीं और नौकरी करने के बजाए गांव लौटकर खेती में लगना चाहते थे। उन्होंने अपना एग्रीवेंचर शुरू किया। लेकिन शुरू में अपना प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने महसूस किया कि कहीं न कहीं इसकी कोई ट्रेनिंग रह गई है। अगर ट्रेंनिंग ले लिया जाय तो काम आसान हो सकता है। इसके बाद हार्दिक ने शाश्वत शेटी विकास प्रतिष्ठान में एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस सेंटर ज्वॉइन किया जहां उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पूरी की और वहां से उन्हें कारोबारी स्कील डेवलप करने में भी मदद मिली।

हार्दिक ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद प्लास्टिकल्चर के लिए अपनी कंसल्टेंसी सर्विसेज शुरू की। जिसके बाद उन्होंने किसानों को इस आधुनिक तकनीक के लिए प्रोत्साहित करना शुरू किया। धीरे-धीरे उनके पास प्रोजेक्ट आने लगे और उन्होंने अपना काम 25 गांवों तक फैलाया। आज उनके नेटवर्क में 500 किसान हैं। हार्दिक अब गुजरात से बाहर भी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। टमाटम, शिमला मिर्च और खीरा के साथ ही कई तरह के फूल उगाने पर उनका जोर रहता है।

साल का कितना टर्नओवर होता है पूछे जाने पर हार्दिक कहते हैं कि उनका एक साल का कुल टर्नओवर 1 करोड़ रुपये होता। उनकी कंसल्टेंसी में 5 इंम्प्लॉई भी काम कर रहे हैं। अब उन्हें छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में भी प्रोजेक्ट मिलने लगे हैं। हार्दिक का उदेश्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस तकनीक के लिए प्रोत्साहित करना है जिससे किसानों को कम खर्च में बेहतर पैदावार मिल सके।

आपको परेशानी कितनी हुई, इस सवाल पर वो मुस्कुराते हुए कहते हैं कि परेशानी कहां नहीं आती? आप कोई भी नया काम शुरू करेंगे तो थोड़ी बहुत परेशानियां भी आती हैं। जब मैंने ये काम शुरू किया था तो मुझे भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उस दौरान केंद्र व राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी बेहतर मिलती थी। वहीं कई बार ज्यादा गर्म मौसम भी परेशानी की वजह बन जाता है, उस दौरान सिंचाई के काम में भी दिक्कत आती है। उनका कहना कि तेज गर्मियों में जब तापमान 45 या 46 तक चला जाता है, उस दौरान उन्हें दिक्कत होती है।

परेशानियों से लड़कर यह नौजवान किसान आज कईयों के जीवन में नई उम्मीद की रोशनी को जगा रहा है। आज हार्दिक सैकड़ों किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। फसल क्रांति परिवार उनके सुनहरे भविष्य की कामना करती है।

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