8वीं पास यह किसान निकला खेती का गुरू

कहते हैं मेहनत करो तो सफलता एक दिन अवश्य मिल जाती है। इसी मेहनत के दम पर किसानों के नजीर बने है गुलाम मोहम्मद। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के जरवल गांव निवासी ने गुलाम मोहम्मद 30 वर्ष 5 एकड़ की जमीन से खेती की शुरुआत की थी। कौन जानता था कि 5 एकड़ की खेती करने वाला यह किसान एक दिन बड़ा किसान बनेगा। मगर मेहनत से होने वाली सफलता को कौन टाल सकता है। आज गुलाम मोहम्मद 20 एकड़ से ज़्यादा की भूमि में खेती का काम करते हैं। उनके खेतों में उगाए गए केला, टमाटर, खरबूज, तरबूज की मांग हैदराबाद, बंगाल से लेकर पड़ोसी देश नेपाल की राजधानी काठमांडू तक है। किसान गुलाम मोहम्मद भले ही आठवीं पास हैं , लेकिन उनकी जानकारी कृषि वैज्ञानिकों को भी हैरान कर देती है। खेती में तरह तरह के प्रयोग कर मोहम्मद गुलाम आज सैकड़ों किसानों के लिए उदाहरण हैं।

गुलाम मोहम्मद ने बताया कि मैं भी अन्य किसानों की तरह गेहूं-धान जैसी पारंपरिक फसलों की खेती किया करता था लेकिन खेती में ज्यादा मजा नहीं आ रहा था। एक दिन मुझे जब ड्रिप इरिगेशन तकनीक का पता चला, तो मैंने अनाज की खेती छोड़कर सब्जियों व फलों की खेती करने लगा। सब्जियों और फलों की खेती ने गुलाम मोहम्मद को वह पहचान दी की आज उनका नाम बहराइच के किसान ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों के कृषि वैज्ञानिक भी जानते हैं।

गुलाम मोहम्मद ड्रिप तकनीक की मदद से केला, टमाटर, गन्ना, तरबूज और खरबूजे की खेती कर रहे हैं। इससे उन्हें फसल की अच्छी पैदावार, तो मिल ही रही है साथ ही सब्जियों व फलों के व्यापार में भी अच्छा मुनाफा हो रहा है। वे आस पास के किसानों को इसकी खेती करने के गुर सिखाते हैं। गुलाम मोहम्मद खेत में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर कम ज़मीन में ज़्यादा उत्पादन लेने में माहिर है। तभी तो इलाके के सारे किसान उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। 

इसी खेत के सहारे गुलाम आज ना सिर्फ अपने परिवार के 11 सदस्यों का पेट पालते हैं बल्कि उनके पास वो सबकुछ है, जो एक आम किसान की चाहत होती है। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर अपने कच्चे घर को पक्का बनवाया है और अपने भाइयों के परिवारों का भी पूरा खर्च वो खुद उठाते हैं। उन्होंने एक बड़ा मुर्गी फार्म भी शुरू किया है। गुलाम मोहम्मद कृषि अधिकारियों और विज्ञानिकों की सलाह लेकर करते हैं। बहराइच जिले के किसानों के लिए रोल मॉडल बन चुके गुलाम मोहम्मद को उनकी तकनीकी खेती और कम संसाधन होते हुए भी नायाब फसल उत्पादन के लिए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने आदर्श किसान सम्मान भी दिया है।

ड्रिप इरिगेशन से कई फसलों की खेती कर रहे गुलाम अहमद के खेतों में देशभर के किसान और कृषि अधिकारी अक्सर आया करते हैं। खेती की इतनी अच्छी जानकारी होने के बाद भी वे कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लेना नहीं भूलते हैं। वे समय-समय पर वैज्ञानिकों की सलाहनुसार अपनी खेती में बदलाव करते रहते हैं। गुलाम कहते हैं कि मेरा सपना देश की खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाना है। उसी के लिए प्रयास कर रहा हूं। मैं भी देश की खाद्यान्न उत्पादन का हिस्सा बन सकूं बस इतनी चाहत है।

More on this section