Fasal Krati

टैरिस गार्डेनिंग की परिचायक- श्रीमती गायत्री प्रताप

Last Updated: July 25, 2019 (21:38 IST)

महिला होने का मतलब सिर्फ अपने आप को चूल्हे चौके के दायरे में समेटना नहीं होता। महिलाएं चाहे तो घरेलू कामों के इतर भी और कई कामों को कर सकती हैं। कई महिलाएं गृहस्थी का काम करते हुए अन्य कामों को भी अंजाम दे रही है। उन्हीं महिलाओं में एक हैं श्रीमती गायत्री प्रताप। गायत्री प्रताप दिल्ली के नामी अधिवक्ता संतोष प्रताप की धर्मपत्नी हैं। ये अपने पति, तीन बेटिओं और सास ससुर के साथ गाजियाबाद में रहती है।

गायत्री प्रताप को घरेलू काम काज के साथ ही बागवानी करने का काफी शौक है। अपने शौक को पालने के लिए उन्होंने अपने घर की छत पर टैरिस गार्डेनिंग किया है। उनके टैरिस गार्डेन में विभिन्न तरह के फूल व सब्जियां है जिनको गायत्री प्रताप ने अपने मेहनत के दम पर उगाया है। बागवानी के अलावा वे घुड़सवारी का शौक भी रखती है जिसको पूरा करने के लिए उन्होंने अपने पति की मदद से पवन नाम का घोड़ा भी पाल रखा है।   

फसल क्रांति की टीम से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी घर के काम से समय निकाल कर वे अपने टैरिस गार्डेन की देखभाल करती हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही मुझे पेड़, पौधों और वनस्पतियों से काफी लगाव है। इसी लगाव के कारण मैं शादी से पहले भी बागवानी करती थी। शादी के बाद भी मेरा ये शौक खत्म नहीं हुआ और मैं ससुराल में भी टैरिस गार्डेनिंग करने लगी। इस काम में मेरे पति और सास ससुर मेरी काफी मदद करते हैं।

गायत्री प्रताप का मानना है कि अधिक खर्च करने के बाद भी शुद्ध सब्जियां नहीं मिलती। बाजार में मिलने वाली ज्यादातर सब्जियों में प्रचुर मात्रा में कीटनाशकों का प्रयोग होता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। मैं अपने छत पर जैविक विधि से सब्जियों की खेती करती हूं ताकि मुझे और मेरे परिवार को शुद्ध सब्जी मिल सके। सब्जियों के अलावा उन्होंने अपने छत पर मूंगफली और मक्के की फसल भी लगाया है। उन्होंने बताया कि मैं जैविक खाद व जैविक कीटनाशक को अपने घर पर ही तैयार करती हूं। मैं केले के छिलके और संतरे के छिलके को कुछ दिन के लिए पानी में भिगो देती हूं और उसके पानी को पौधों पर छिडकाव करती हूं जो कीटनाशक का काम करते हैं।  

महिलाओं के नाम संदेश में उन्होंने घरेलू महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि महिलाएं अपनी छत पर टेरिस गार्डैनिंग करके सब्जी उत्पादन करें जिससे उनके खर्च में बचत होगी और शुद्ध सब्जी भी खाने को मिलेगा। श्रीमती गायत्री प्रताप महिलाओँ के लिए एक नजीर बन कर उभर रही है।


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