जोसेफ छत पर उगा रहे 40 किस्मों के आम

कोच्चि जिले के जोसेफ ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसको देखकर सभी लोग दंग हैं। दरअसल, जोसेफ ने अपने घर की छत को एक मिनी-बाग में बदल दिया है, जहां वे इस पर लगभग 40 किस्मों के आम उगाते हैं। इन्होंने अपने इस कारनामे से कृषि विभाग का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
जोसेफ ग्राफ्टिंग के द्वारा आम के पेड़ों की विभिन्न किस्मों को सफलतापूर्वक विकसित कर रहे हैं। एक सिंगल मदर प्लांट के लिए, वह दो या तीन अन्य आम की किस्मों के तनों का उपयोग करते हैं। उन्हें यह शौक कहां से लगा पूछे जाने पर जोसेफ ने बताया कि मुझे आम खाना बेहद पसंद है। इसलिए आम की बागवानी करना शुरू से ही मेरा शौक रहा है। यूट्यूब के द्वारा मैं छत पर बागवानी करने के तरीके सीखता रहता हूं। यूट्यूब में बताये गये विधियों के द्वारा ही मैं अपने छत पर आम की 400 से ज्यादा किस्मों की खेती कर रहा हूं। उन्होंने कहा मैं अपने आम के प्रत्येक पौधे से लगभग 600 रुपये से लेकर 4,000 रुपये कमाता हूं। 

जोसेफ के मिनी बागों की बात की जाए तो इनके बाग में चार फीट ऊंचे आम के पेड़ हैं जो 200 लीटर के स्क्रैप कंटेनर में लगाए गये हैं। इन कंटेनरों में बजरी, मिट्टी और घरेलू उर्वरक भरे गये हैं ताकी पेड़ों को सभी आवश्यक तत्व मिलते रहें। पूरे दिन में उन्हें पेड़ों को पानी देने में लगभग 10 मिनट का समय लगता है क्योंकि कंटेनर के पेड़ों को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है।

उनके बाग में ‘पेट्रीसिया’ नाम का आम लोगों को अपनी ओर ज्यादा आकर्षित कर रहा है। उन्होंने इस आम की किस्म का नामकण अपनी पत्नी के नाम पर किया है। उन्होंने बताया कि मैंने ‘पेट्रीसिया’ की खेती लगभग 22 साल पहले की थी। ‘पेट्रीसिया’ किस्म अन्य किस्मों की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक मीठा है। उन्होंने गर्व से दावा करते हुए कहा कि बाज़ार में कितने ही मीठे आम क्यों ना हों, मेरे ‘पेट्रीसिया’ से कम ही होंगे। उन्होंने बताया की पेट्रीसिया’ का स्वाद और मीठापन लाजवाब है। पेट्रीसिया’ की मांग लोगों के बीच ज्यादा की जाती है इसलिए मैं पेट्रीसिया का पौधा भी लोगों को लगाने के लिए देता हूं ताकि उसके स्वाद का लुफ्त सभी लोग उठा सकें।  

आम के अलावा, जोसेफ ने एक्वापोनिक्स, जिसे उन्होंने खुद बनाया है, में ऑर्किड फूल की विभिन्न किस्मों को भी सफलतापूर्वक उगाया है। ऑर्किड, जो पानी से भरे पाइपों में आंशिक रूप से डूबे हुए हैं। उन्होंने बताया कि एक्वापोनिक के द्वारा मैंने ऑर्किड की खेती भी किया है जिनसे बड़े पैमाने पर फूल उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि जड़ों को पानी के लिए अपना रास्ता खोजना पड़ता है और पौधे भी पूरी तरह पानी में नहीं डूबते हैं, इसके लिए एक्वापोनिक तकनीक सबसे बढ़िया है। पौधों के लिए आवश्यक सभी पोषणों को एक्वापोनिक पानी द्वारा प्रदान किया जाता है। जोसेफ की यह कृति उन्हें अन्य किसानों से अलग करता है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि पानी में नाइट्रेट होता है जिसके कारण उसका पीएच  स्तर संतुलित होता है, इसलिए इसमें गंध नहीं होती है। गंधहीन पानी जो शुद्ध पानी होता है, अमोनिया से मुक्त होता है।  ऐसा पानी मछली प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त होता है जिसका उपयोग मैं करता हूं। वर्तमान में जोसेफ टिलापिया मछली की खेती भी करते है और उनके पास पर्ल स्पॉट भी हैं। अपने सभी पौधों के लिए वह मूल नाइट्रोजन-फॉस्फोरस-पोटेशियम उर्वरक का उपयोग करते हैं। जोसेफ किसानों के लिए एक नजीर बने हैं जो कृषि की नई इबारत लिख रहे हैं।

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