नयी तकनीकों से खेती कर लखपति बना किसान

मध्य प्रदेश के धार जिले के ग्राम एहमद निवासी 39 वर्षीय राजेश पाटीदार शुरू से ही खेती में कुछ बड़ा करने की चाह रखते थे। उनकी चाह और कड़ी मेहनत के परिणाम स्वरूप उन्होंने अपने आप को साबित किया और वे एक सफल किसान के रूप में उभर गये।

राजेश ने बताया कि वे सिर्फ 10वीं तक पढाई किये हैं। पढ़ाई छोड़कर वे पूरी तरह से खेती के कामों में लग गये। उन्होंने बताया कि वे पिताजी से प्रेरित होकर खेती में नई-नई तकनीकों को अपनाकर खेती को लाभ का धंधा बनाया। हालांकि उनकी आर्थिक स्थिति शुरू से अच्छी रही है। उनके पास ट्रेक्टर तथा खेती में काम आने वाले सभी उपकरण उपलब्ध है। बैल से हल न जोतते हुए ट्रैक्टर का उपयोग किया। राजेश पशुपालन भी करते हैं। घर में उनके पास गाय तथा भैंसे है।

राजेश ने 20 बीघा क्षेत्र में 5 हजार जामफल के पौधे लगाये हैं। इसमें ज्यादातर पौधे राजेश  ने हैदराबाद से मंगाए थे। इन पौधों की वैरायटी थाईलैंड की है। उन्होंने इन पौधों को लगाने के लिए सघन बागवानी पद्धति अपनाई है। इस पद्दति में पास-पास पौधे लगाए जाते हैं। इसमें उत्पादन 3 से 4 गुना अधिक प्राप्त होता है। यह पौधे जल्दी फल देने लगते हैं। राजेश बताते हैं कि उन्होंने 20 बीघा खेत में गेंदे के फूल की खेती भी की जिससे उन्हें शुद्ध रूप से 11 लाख रूपये का मुनाफा हुआ।

राजेश ने अपने खेतो में गर्मी में सिंचाई के लिए महाराष्ट्र के तालाबों के पैटर्न के आधार पर साढे तीन बीघा क्षेत्र में 18 लाख रूपये की लागत से तालाब का निर्माण करवाया और प्लास्टिक बिछाकर पानी को संग्रहित करने का काम किया, ताकि तालाब में लंबे समय तक पानी का स्तर बना रहे। इस तालाब की क्षमता 2 करोड 40 लाख लीटर पानी की है। राजेश ने बताया कि 3 कुंए तथा 1 नदी से पाईप लाईन बिछाकर इस तालाब में पानी भरा गया है। यह पानी गर्मी के सीजन में सिंचाई में उपयोग किया जाता है। सिंचाई के दौरान पानी व्यर्थ न जाए इसलिए राजेश ने खेतों में टपक सिंचाई पद्दति का उपयोग करते हैं। टपक सिंचाई पद्दति से पूरे खेत की सिंचाई एक जगह से ही आसानी से ऑपरेट होती है। इसका लाभ यह भी होता है कि कम पानी से ज्यादा उत्पादन लिया जा सकता है। राजेश एक ऐसे किसान है जिनकी लोकप्रियता क्षेत्र में बनी हुई है। 

राजेश से प्रेरणा लेकर क्षेत्र के किसान स्वयं के खर्च पर महाराष्ट्र में कृषि भ्रमण के लिए जा रहे हैं और वहां किसानों द्वारा अपनाई जा रही नई-नई कृषि तकनीकों का जायजा ले रहे हैं। क्षेत्र के किसान उनके सलाह के आधार पर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढाने में लगे है। राजेश स्वयं तो खेती करने के साथ-साथ दूसरे किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं।

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