Fasal Krati

सर्वोत्तम शहद उत्पन्न करते हैं दर्शन भालारा

Last Updated: November 25, 2019 (06:20 IST)

दर्शन भालारा को शहद उत्पादक कहने के बजाय शहद-प्रेमी या फिर स्वास्थ्य-प्रेमी कहें तो उचित होगा। दरअसल दर्शन भालारा एक ऐसे किसान हैं जो उच्च गुणवत्ता वाली कई तरह के शहद का उत्पादन करते हैं। एमबीए की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात उनके पास 40 हजार रुपये प्रति माह वेतनवाली अच्छी-खासी नौकरी भी किया। लेकिन कुछ वर्ष पश्चात उन्होंने नौकरी छोड़ गाँव में अपनी 36 एकड़ की सिंचित व उपजाऊ, जमीन पर शहद व्यवसाय शुरू किया।

दर्शन भालारा ने बताया कि एक बार सन 2014 में प्रधानमंत्री मोदी अपने एक वक्तव्य में कृषि क्षेत्र में वेल्यू एडिशन पर कुछ बातें कर रहे थे। उस दौरान मैनें कृषि कार्य करने का फैसला किया। मैंने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और तय किया कि ऐसा व्यवसाय करना है जिससे समाज के स्वास्थ्य में सुधार हो। मैंने शहद उत्पादन पर अपना ध्यान केन्द्रित किया। पहली बार उन्होंने अपने अजवाइन के खेत में शहद का बक्स रखा उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुडके नहीं देखा। फिलहाल वे 900 बक्सों में विभिन्न किस्म जैसे सौंफ,अजवाइन, लीची, शीशम और बेर इत्यादि फूलों से उत्पन्न हुई शहदों का उत्पादन करते हैं।

दर्शन भालारा का शहद बाजार में मिलने वाले शहद से अति विशिष्ट है। आपके शहद में आर्द्रता (नमी) की मात्रा अंतर्राष्ट्रीय मानदण्ड से एक प्रतिशत भी अधिक नहीं है। इसका कारण यह है कि शहद पूर्ण रूप से परिपक्व होने के बाद ही उसे छत्ते से निकाला जाता है। दरअसल जब मधु-मक्खी शहद बनाने का कार्य जब पूरा कर लेती है तब वह उस छत्ते को वेक्स (मोम) से बंद कर देती है। जब ऐसा होता है तब यह जान लेना चाहिए कि शहद पूर्ण रूप से परिपक्व हो गया है। इस के बाद प्राप्त किया गया शहद ही विशुद्ध शहद कहा जा सकता है। लेकिन इस विधि से प्राप्त शहद का वजन बहुत ही कम हो जाता है। अपरिपक्व शहद निकाल लेने से उत्पादन काफी मात्रा में बढ़ जाता है, मुनाफा भी बढ़ता है। परन्तु ऐसा शहद बहुत ही कम हितकारी होता है। यदि आप विशुद्ध (प्योर) शहद पाना चाहते हैं तो फिर उसकी लागत अधिक हो जाती है। कुछ कंपनियां उसमें फ्रूट सिरप और कोर्न सिरप तथा पेस्टीसाइडस भी मिलाती हैं। यह शहद डेरी के दुग्ध जैसा होता है जिसमें भेडें, बकरी, जर्सी गाय, भैंस इत्यादि सबका दूध मिक्स होता है।

भालारा का शहद 100 प्रतिशत विशुद्ध और परिपक्व है और सही माने में यही असली शहद है। उस पर किसी भी प्रकार की प्रोसेस नहीं की जाती।

बाजार में उपलब्ध ब्रांड में से 95 प्रतिशत शहद अपरिपक्व एवं प्रोसेस्ड ही होता है। दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि देशी बक्से में मधुमक्खी-पालन करने के बाद भी शायद शुद्धतम रूप में शहद नहीं पाया जा सकता क्योंकि उसमें लार्वा, अंडे और अन्य अशुद्धियोँ का समावेश हो ही जाता है। दर्शन भालारा अधिकतर न्यूजीलैंड की पद्धति से बने बक्से का ही उपयोग करते हैं। उनमें मधुमक्खी के लिए शहद एकत्रित करने के और अंडे देने के खाने अलग ही होते हैं! अतः शहद के साथ अशुद्धियोँ का या अंडे के मिल जाने का सवाल ही नहीं उठता। भारत के बाजारों में उपलब्ध शहद की तुलना में इस पद्धति से प्राप्त किया गया शहद अधिक गुणकारी और विशुद्ध होता है।

दर्शन भालारा लोगों को विशुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक शहद देने के अपने निश्चय पर आगे बढ़ रहे हैं। वे इसकी पैकिंग पर भी विशेष ध्यान देते हैं। इनका मानना कि शहद की पैकिंग शीशे की बोतल में ही होना चाहिए इसीलिए वे मलेशिया से ख़ास प्रकार की बोतलें मंगवाते हैं और उसी में शहद की पैकिंग की जाती है। वे बक्स के अन्दर थर्मोकोल रखने के बाद ही शहद सप्लाई (आपूर्ति) करते हैं। वे है'मधुधारा ब्रांड के नाम से शहद को बेचते हैं। बिना किसी डिस्ट्रिब्यूटर और स्टॉकिस्ट के वे अपने सारे कार्य खुद ही निपटाते हैं। एक बार भी किसी ने इनके शहद का स्वाद चखा, वह दोबारा किसी अन्य कंपनी का शहद नहीं लेता बल्कि बार-बार दर्शन भालारा को ही ऑर्डर देता है।

शहद की तरह आपका गिर गाय का घी भी सर्वोत्तम है। दर्शन भालारा के पास गिर गायों की अच्छी तादाद हैं। वे इन गायों को चारे में हरी घास और नारियल की खली ही देते हैं। दूध का दोहन केवल पीतल के पात्र में ही होता है, दहीं जमाने के लिए केवल मिटटी के पात्रों का प्रयोग होता है। मंथन के लिए लकड़ी की मथानी का उपयोग करते हैं। जब मक्खन तैयार हो जाता है तब पात्र के मुंह को कपड़े से बांध दिया जाता है और पात्र को नीम के वृक्ष के नीचे रखा जाता है। आखिर में मिटटी के पात्र में ही देशी चूल्हे पर घी बनाया जाता है। वे बताते है कि यही हमारी असली आयुर्वेदिक पद्धति है। उन्होंने बताया कि मेरे यहां प्रतिदिन सौ लीटर छाछ बनती है पर आप कभी उसकी बिक्री नहीं करते। गांव से जो कोई जरूरतमंद आदमी आता है, वह मुफ्त में ही छाछ ले कर जाता है। जब आपने घी के व्यवसाय का प्रारंभ किया था तब आपने दादी माँ से वादा किया था कि आप कभी भी छाछ नहीं बेचेंगे। आप आज भी यह वादा नहीं भूले और उसे बखुबी निभा रहे हैं।

दर्शन भालारा एक आदर्श के रूप में किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमारे सामने उभरे हैं।

आप नीचे दिए गए मोबाइल नंबर पर दर्शन भालारा से संपर्क कर सकते हैं :

9662166770

Visit on www।madhudhara।com


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