पानी संरक्षण का पाठ सिखाते हैं भजन लाल कंबोज

करनाल धरती से पानी का लगातार दोहन हो रहा है और जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। जिसके चलते गर्मी आते ही पानी की समस्या शुरू हो जाती है। हरियाणा के डार्क जोन में आने वाले जिलों के लिए पानी का संकट एक गंभीर विषय बन गया है। जिसके ऊपर लगातार केंद्र और प्रदेश की सरकार कई प्रकार के विशेष अभियान चलाकर किसान और आमजन को जागृत करने में लगी हुई है। वहीं करनाल के गांव रमाणा रमाणी के रहने वाले किसान भजन लाल कंबोज ने पानी को बचाने व बाढ़ से आने वाली मुश्किलों से निजात दिलाने के लिए वाटर रिचार्ज करने का तरीका निकाला है।

भजन लाल कंबोज ने बताया उनकी योजना के अनुसार जमीन की सतह से 4 फुट नीचे बोरिंग के चारों तरफ इंटर का कुआं बनेगा और बोरिंग के चारों तरफ जाल लगेगा। जिसके ऊपर मच्छरदानी नुमा फिल्टर को लगाया जाएगा जो 300 फुट नीचे तक होगा वहीं जहां दोहन कम है तो वहां 180 फुट और से भी काम चल जाएगा। इसका फायदा यह हुआ कि जितना भी पानी एकत्रित होगा वो सीधा जमीन की गर्त में जाएगा। जिससे किसानों की फसल नहीं डूबेगी और जमीन का जलस्तर ऊपर आएगा।

साथ ही वहीं एक फिल्टर लगने से बोरिंग के अंदर किसी भी प्रकार का गंदा पानी व कोई भी कीड़ा नहीं जा सकेगा। सरकार कोबिस प्रोजेक्ट को अपनाने से जल संकट में उबरने में काफी मदद मिलेगी और इस प्रोजेक्ट पर 65 से 70 हजार का खर्चा आता है। किसान भजनलाल ने सरकार से इस प्रोजेक्ट पर सब्सिडी की मांग की है ताकि हर किसान आसानी से अपने खेत में से लगा सके।


डॉ आदित्य डबास- कृषि विभाग के उपनिदेशक ने भी किसान की इस तकनीक को सहराया और साथ ही उसके द्वारा किये गए इस प्रयास की सराहना की और इस पुरे सिस्टम के बारे में बताया की आखिर कैसे यह तकनीक किसान के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इस तकनीक से रोजगार के लाभ भी खुल सकते है वहीं पानी को बचाने के लिए और कृषि विभाग और हरियाणा सरकार भी जल बचाओ मुहीम के तहत काम कर रही है। साभारः डेली हंट

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