किसान की शिकायत पर कृषि मंत्री ने किसान बनकर खुद की पड़ताल

इस समय कोरोना के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में है। जिसके चलते यहाँ पर कुछ पाबंदियों का भी सामना करना पड़ रहा है, परन्तु कृषि कार्यों के लिए यहाँ पर राहत दी गयी है। राज्य के किसान यदि कोई कृषि उत्पाद जैसे बीज, खाद आदि खरीदते हैं तो डीलर्स अधिक दाम में कृषि उत्पाद किसानों को बेच रहे हैं इसकी जानकारी किसानों ने महाराष्ट्र के कृषि मंत्री से कर दी। इसी के चलते कृषि मंत्री स्वंयम किसान का बदल कर डीलर के पास कृषि उत्पाद खरीदने गए।

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दादाजी भूसे ने गड़बड़ी करने वालों को खुद पकड़ने की ठानी। वह खुद सच्चाई जानने के लिए एक किसान बनकर औरंगाबाद की एक दुकान पर पहुंचे और वहां पर उन्होंने हकीकत जानी। कृषि मंत्री ने पाया कि आ रही शिकायतें सही थीं। दुकानदार ने स्टॉक होते हुए भी दादाजी भूसे से कहा कि स्टॉक नहीं है। कृषि मंत्री ने जब दुकानदार से स्टॉक का रजिस्टर मांगा तो दुकानदार ने कहा कि रजिस्टर घर पर है। कृषि मंत्री ने फौरन जिला के कृषि अधीक्षक को बुलाया और उसके बाद तत्काल उस दुकान के सभी गोदाम की छानबीन करवाई।छानबीन में 1386 बैग यूरिया के पाए गए जिसके बाद मंत्री ने तत्काल कार्यवाई के आदेश दिए। साथ ही क्वालिटी कण्ट्रोल अधिकारी को भी छुट्टी पर भेज दिया और दुसरे कृषि विक्रेताओं को भी किसानों के साथ सही व्यवहार करने की नसीहत दी। 

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