किसानों को वाट्सएप पर कृषि सम्बंधित जानकारी देगा मौसम विभाग

देश में इस डिजिटल युग में भी बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है। ऐसे क्षेत्रों में किसान परंपरागत तरीको से खेती करते हैं। जिस कारण उनके खेतों में सामान्य पैदावार होती है। यहां तक की किसानों को सही समय पर मौसम की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो पाती है।

भारतीय मौसम विकास नया कदम उठाते हुए किसानों तक मौसम और खेती की तकनीकी जानकारी पहुंचाने के लिए सोशल नेटवर्क वाट्सएप का इस्तेमाल करेगा। भारतीय मौसम विभाग अब देशभर के किसानों को वाट्सएप के जरिए यह बताएगा कि अगले एक सप्ताह में उनके क्षेत्र का मौसम कैसा रहने वाला है और किस समय पर कितना खाद देना है या सिंचाई करना है। इसी के साथ किसानों को एसएमएस के जरिए भी मौसम की जानकारी दी जाएगी कि उनके क्षेत्र में अगले सप्ताह में बारिश कैसी होगी, कैसा मौसम रहेगा, हवाएं कैसी चलेगी। मौसम विभाग द्वारा किसानों के लिए शुरू की गयी इस सेवा से अभी तक लगभग 4 करोड़ किसानों को जोड़ा जा चुका है।

कृषि मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. रंजीत सिंह का कहना है कि यह सेवा ब्लाक स्तर पर शुरू की जाएगी। देशभर के 633 जिलों के किसानों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा। डॉ. रंजीत ने बताया कि पहले चरण में देश के 115 जिलों में यह सेवा शुरू कर दी गई है। इसके तहत सभी जिलों में किसान विकास केन्द्रों पर दो विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाएगा। ये केन्द्र सभी जिलों में ब्लॉक और गांव के स्तर पर किसानों के वाट्सऐप ग्रुप बना कर सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी के साथ मौसम की उक्त परिस्थितियों में किस फसल को कितना खाद पानी देना है, यह भी बताएंगे। इस सेवा के अंतर्गत जिलास्तर पर मौसम बुलेटिन भेजा जाएगा। उसके बाद किसान विकास केंद्र के माध्यम से किसानों को ग्रामीण स्तर पर यह बुलेटिन भेजा जाएगा। इस सेवा से करोडो किसानों को लाभ मिलेगा।

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