मध्य प्रदेश : हर गाँव मे लगेगी वर्मी कम्पोस्ट यूनिट

कोरोना के चलते जिस तरीके से शहरी क्षेत्रों से गांवों कि और पलायन हुआ है। ऐसे मे ग्रामीण क्षेत्र मेन रोजगार को लेकर चुनोतिया और अधिक बढ़ चुकी है.ग्रामीण क्षेत्र मे रोजगार को लेकर सरकार भी प्रयास कर रही है ऐसे मे मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के जिले रीवा ग्रामीण क्षेत्र मे रोजगार बढ़ाने को लेकर सरकार ने जिले मे गौशाला और वर्मीकम्पोस्ट खाद बनाने कि यूनिट लगाने का फैसला किया है। जिले की गौशालाओं में जैविक खाद तैयार कर किसानों की खेती को लाभ का धंधा बनाने में सार्थक पहल की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास व पशु चिकित्सा विभाग ने पहल की है कि गौशालाओं में जैविक खाद तैयार के लिए वर्मी कम्पोस्ट यूनिटें बनाई जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र मे रहने वाले स्थानीय लोगो रोजगार मिलेगा साथ जैविक खाद के इस्तेमाल को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि जिले के गंगेव जनपद के बांस गांव में लगभग 27 लाख रुपए की लागत से गौशाला तैयार हो गई है। जिला पंचायत अधिकारियों का दावा है कि प्रारंभिक चरण में 34 गौशालाएं तैयार की गई हैं। प्रदेश के बाहर से लौटे प्रवासियों को भी गौशालाओं में रोजगार मिल सके। इस के लिए गौशालाओं में पशु पालन के साथ ही जैविक खाद तैयार करने के लिए संसाधन डवलप किया जाएगा। 

जिले मे पशु चिकित्सा विभाग द्वारा जिले में स्थापित 34 गौशालाओं में वर्मीकम्पोस्ट यूनिट का निर्माण कर जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जायेगा और चारागाह विकसित कियापशु पालन को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा के तहत पशुशेड बनाने की योजना का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। चार साल पहले पशु शेड बनाए जा रहे थे। बीच में रोक लगा दी गई थी। अब एक बार फिर पशु पालन को लाभ का धंधा बनाने के लिए मनरेगा के तहत पशुशेड बनाने की कावयद शुरू हो गई है। इस शेड के बनाए जाने से पशुओं के साथ ही उनसे मिलने वाला गोबर व मूत्र भी एकत्रित किया जा सकेगा। जिसका उपयोग जैविक खाद बनाने में हो सकेगा। उसके बाद उस जैविक खाद को बेचकर आसानी से किसान मुनाफा कमा सकेंगे। 

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