कोविड-19 पर फैल रही भ्रामक प्रसार को तत्काल रोकना अतिआवश्यक : एम॰ वेंकैया नायडू

देश में कोरोना के मामले बहुत तेजी बढ़ रहे हैं। पिछले 48 घंटो में कोरोना वायरस के मामले बहुत अधिक बढ़े हैं। इसको लेकर सरकार आवश्यक कदम भी उठा रही है। दुनिया भर में लोग कोरोना डर के साये में जी रहे हैं, तो वही दूसरी और कोरोना को लेकर अफवाहों का दौर भी जारी है। सोशल मीडिया के माध्यम से कोविड-19 को लेकर भ्रामक प्रसार किया जा रहा है ऐसे में भारत के उपराष्ट्रपति ने अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सभी धार्मिक समुदायों को यह समझने की जरूरत है कि सोशल डिस्टेंसिंग मानकों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उपराष्ट्रपति ने किसी भी समुदाय के बारे में निराधार पूर्वाग्रह न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर फ्रंटलाइन पर काम कर रहे हमारे योद्धाओं विशेषकर स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा नितांत आवश्यक है। इसलिए हमें उनकी हौसला अफजाई करना अति आवश्यक है।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लोगों को आगाह किया है कि वे अंध विश्वासों और अफवाहों के चक्कर में कोविड- 19 के विरुद्ध अपने संकल्प को कमजोर नहीं होने दे। उन्होंने भ्रामक सूचना के प्रसार को विशेषकर सोशल मीडिया द्वारा हो रहे प्रसार को, 'वायरस ' कहा जिसे तत्काल रोका जाना आवश्यक है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अफवाहों और भ्रामक सूचना के प्रसार को रोकने के लिए, प्रामाणिक सूचना के निर्बाध प्रसार को जरूरी बताते हुए नायडू ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि यदि हम इस कठिन परिस्थिति की गंभीरता को सही तरह से नहीं समझ सकते, तो हम वायरस के विरुद्ध यह जंग नहीं जीत सकते।

नायडू ने कहा कि सभी सम्प्रदायों को सहमत होना होगा कि सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और जब तक चुनौती पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाती तब तक हम सोश्ल डिस्टेन्सिंग का पालन करेंगे।  संक्रमण के विरुद्ध राज्य सरकारों, समाजसेवी संस्थाओं तथा निजी क्षेत्र द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता के कार्य किए जा रहे हैं तथा दुर्बल वर्गों एवम् प्रतिस्थापित मजदूरों की कठिनाइयों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य कटाई के समय में किसानों की चिंताओं से अवगत हैं तथा सुचारू रूप से फसलों की कटाई तथा खाद्यान्न की खरीद को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम प्रस्तावित हैं।

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