एग्री व्यापार एप द्वारा किसानों को मिलेंगे उपज के उचित दाम

किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या उनके कृषि उत्पाद की बिक्री के लिए मार्केट की जानकारी अभाव. जिसके कारण किसानों को उसकी उपज का उचित दाम नहीं मिलता है, जिस कारण किसान हमेशा घाटे में रहता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, किसानों को अपने कृषि उत्पादों को बेचने के लिए किसी मंडी में जाने की आवश्यकता नहीं, बल्कि किसान सिर्फ अपने मोबाइल के माध्यम से कृषि उपज बेच सकेंगे. ख़ास बात यह है कि किसान फसल का भाव भी स्वयं तय कर सकेंगे. एग्री व्यापार एप के माध्यम से यह संभव हो सकेगा. मध्य प्रदेश के नीमच में किसानों को एग्री व्यापार एप से जोड़ने के लिए कृषि विभाग प्रयासरत है. इस एप के जरिए फसल बेचने में बिचौलियों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और किसान सीधे व्यापारियों को उपज सही दाम में बेच सकेंगे. यह किसानों के लिए एक ऑनलाइन बाजार है. इस एप के माध्यम से किसान स्वयं ही उपज का भाव व्यापारियों के साथ तय कर सकेंगे. जिस पर व्यापारी द्वारा दाम लगाने के बाद किसान और व्यापारी के बीच में सहमती हो जाएगी. यदि किसान से व्यापारी को सहमती नहीं मिलेगी तो सौदा नहीं होगा. यानी किसान अपने अनुकूल फसल का सौदा कर सकेंगे.

पंजीकरण के नियम :

इस एप पर पंजीकरण करने के लिए किसानों को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से अपने फोन में एप को इंस्टाल करना होगा, उसके बाद किसान से इस एप में पंजीकरण के लिए उसका नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, जमीन का ब्यौरा आदि अंकित करना होगा. इसके साथ ही किसान  को अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक की पासबुक आदि सभी जानकारी इस एप पर अंकित होगी . इसके लिए किसान को मार्केटिंग सोसाइटी के माध्यम से भी पंजीकरण कराना होगा. इसके लिए जिला नीमच मध्य प्रदेश में विपणन सहकारी समिति, नीमच, विपणन सहकारी समिति जावद और विपणन सहकारी समिति मनासा में अपना पंजीकरण करा सकेंगे . यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद किसान अपनी फसल के नमूने और दाम स्वयं एप पर डालेगा. उसके बाद व्यापारी किसान की उस फसल की बोली लगाएंगे. इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश के नीमच जिले से की जा रही है. किसान इस एप के माध्यम से पूरे देश में कही भी अपनी उपज बेच सकेंगे. 

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