Fasal Krati

काफी उत्पादन को लगा झटका

Last Updated: November 12, 2019 (10:23 IST)

कर्नाटक प्लांटर्स एसोसिएशन (केपीए) ने कहा है कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, 2019-20 के दौरान कॉफी का उत्पादन कम से कम 30-35 प्रतिशत कम होने की उम्मीद है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. बी. गणपति ने कहा कि चिकमंगलूर, दक्षिण कूर्ग और हासन जिलों के बागानों में अगस्त से अक्टूबर तक भारी और लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई जिसके चलते कॉफी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही काली मिर्च की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

2018-19 में केपीए ने अनुमान लगाया था कि अगस्त में अभूतपूर्व भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण कॉफ़ी का उत्पादन सामान्य रूप से 30 प्रतिशत और कूर्ग में 45 प्रतिशत तक गिर गया था। गणपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पिछले कुछ महीनों में महत्वपूर्ण रहा है, जो उत्पादन की बढ़ती लागत और कम कीमत की प्राप्ति के साथ मिलकर बागान व्यवसाय की स्थिरता के अनुसार कम हो गया है।

उन्होंने कहा कि उत्पादन की लागत साल दर साल बढ़ती जा रही है जबकि कीमतों में उस अनुरूप बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। कॉफी की कीमतें मौजूदा स्तर पर एक और दो साल तक ऐसे ही बने रहने की संभावना है।


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