Fasal Krati

इथेनॉल बनाने के लिए चीनी उद्योग ने मांगी अनुमति

Last Updated: July 09, 2019 (00:36 IST)

महाराष्ट्र के चीनी उद्योग ने चीनी अवशेष से इथेनॉल बनाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी है। हालांकि इसके पक्ष में बोलते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने गन्ने से बने इथेनॉल को बढ़ावा देने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि हम अतिरिक्त चीनी उत्पादन से निपटने के लिए कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले पाएंगे। लेकिन अब हमारे पास इथेनॉल का बाजार है जो लगभग 11,000 करोड़ रुपये का है।  ये उक्त बातें वे चीनी उद्योग के प्रमुख ऋणदाता महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक द्वारा आयोजित चीनी सम्मेलन 20-20 में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में इथेनॉल का बाजार लगभग 50,000 करोड़ हो जाएगा जिसकी आगे चलकर 2 लाख करोड़ तक बढ़ने की संभावना है।

रेणुका शुगर्स के अध्यक्ष रवि गुप्ता ने कहा कि राज्य में चीनी मिलें अगले पेराई सत्र के दौरान अपनी पूर्ण क्षमताओं का उपयोग नहीं कर पाएंगी क्योंकि सूखे के कारण गन्ने की उपलब्धता कम होगी। ऐसी स्थिति में हमें सरकार से चीनी से इथेनॉल बनाने की अनुमति चाहिए।  

महाराष्ट्र को दिए गए 83 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीद कोटा में से उद्योग ने 69 करोड़ लीटर की आपूर्ति के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। अनुबंधित मात्रा में से 35 करोड़ लीटर राज्य के अंदर और 34 करोड़ लीटर राज्य के बाहर आपूर्ति के लिए है।

गडकरी ने कहा कि अगले 10 वर्षों के दौरान भारत में इथेनॉल बाजार के लिए कोई समस्या नहीं होगी। टीवीएस और बजाज को इथेनॉल से चलने वाली दो पहिया वाहनों को बनाने के लिए कहा गया है। हम चाहते हैं कि हर चीनी मिल इथेनॉल का उत्पादन करे। उन्होंने कहा कि वे इथेनॉल बनाने के लिए बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने के लिए एक नीति लाने पर काम कर रहे हैं।


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