किसानों संग सीएआई ने टिड्डी रोकथान के लिए सरकार से मांगी मदद

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बड़े पैमाने पर टिड्डियों के हमलों की रोकथान के लिए कहा है और खतरे से निपटने के लिए केंद्र से सहायता मांगी है। मध्य और दक्षिण भारत में कपास रोपण शुरू होने के साथ, कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया चिंतित है कि टिड्डियों के हमले का प्रकोप फसलों के लिए खतरा पैदा करेगा।

अतुल एस गनात्रा, अध्यक्ष, सीएआई ने कहा कि हम कृषि मंत्री से अनुरोध करते हैं कि इन टिड्डियों के हमलों को नियंत्रित करने के लिए जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जाएं और संबंधित केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों को सलाह दी जाए कि वे किसानों को उनके हितों की रक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें और इस खतरे से संयुक्त रूप से लड़ें। गनात्रा ने कहा कि उत्तर भारत में कपास की बुवाई 80 प्रतिशत तक होती है और भारत के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में इसकी बुवाई जून के पहले सप्ताह में शुरू होने जा रहा है।

हम वर्तमान में भारत के कई राज्यों में टिड्डियों के हमलों की रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश,  मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों में हुए टिड्डी हमलों ने कहर बरपाया है। टिड्डी दलों ने खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया है जिससे लोगों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इन राज्यों के किसान भी सरकार से इसके लिए गुहार लगा रहे हैं। ये टिड्डियां बहुत खतरनाक हैं और सभी प्रकार के पौधों, वनस्पतियों और खड़ी फसलों को नष्ट कर रही हैं।
खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, इन टिड्डियों के हमले जून और जुलाई के महीनों में और तेज होंगे और इन राज्यों में कपास की फसल समेत अन्य फसलों को नष्ट कर सकते हैं क्योंकि ये सभी राज्य कपास उगाने वाले राज्य हैं।

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