Fasal Krati

कृषि बाजार विकास के लिए भारत और जर्मनी में समझौता

Last Updated: November 02, 2019 (07:00 IST)

सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि नीतियों में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। देश में कृषि सुधार के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कृषि बाजार का विकास। किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या अपने कृषि उत्पादों को बाजार में बेचने की है। किसान सही दामों पर अपने कृषि उत्पाद नहीं बेच रहा है। हाल ही में कृषि मंत्रालय ने देश में कृषि बाजार के विकास के लिए जर्मनी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने एक संयुक्त संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए। भारत की ओर से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और जर्मनी की ओर से कृषि एवं खाद्य मंत्री जूलिया क्लोकनर ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत की प्राथमिकता फसलों के उत्पादन केन्द्रित होने से किसान केन्द्रित होने में बदली है। उन्होने कहा इसका लक्ष्य कृषि और उससे संबन्धित क्षेत्र में उत्पादकता में सुधार, लागत में कमी प्रतिस्पर्धी बाजार कि उपलब्धता आदि के माध्यम से किसानों कि आय को दोगुना करना है। इस हस्ताक्षर के तहत सरकार का लक्ष्य कृषि निर्यात नीति को बढ़ावा देना है। इस मौके पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि निर्यात नीति का लक्ष्य साल 2022 तक दोगुना कर छह करोड़ डॉलर करना है। 

जर्मनी की कृषि मंत्री जूलिया क्लाकनर ने कहा कि जर्मनी को कृषि यंत्रीकरण में विशेषता हासिल है। फसल तैयार होने के बाद उसके प्रबंधन के लिए जर्मनी के पास तकनीक है । उन्होने कहा कि इससे किसानों कि आय को दोगुना करने में मदद मिलेगी। उन्होने कहा कि इससे भारत के किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस मौके पर दोनों देश के कृषि मंत्रियों ने कृषि यांत्रिकीकरण, फसल तैयार होने के बाद प्रबंधन के अलावा भी कई अन्य कृषि मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों के मध्य हुए इस समझौता हस्ताक्षर से कृषि निर्यात में भी सुधार होगा और भारत से कृषि उत्पादों को निर्यात करने में मदद मिलेगी।  


MORE ON THIS SECTION


All companies accepted the revolution of crop revolution

सभी कंपनियों ने माना फसल क्रांति का लोहा

5 दिवसीय किसान मेले का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जा रहा है, जिसमें कई कंपनियां अपने अपने आधुनिक उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं. फसल क्रांति की टीम मेले में मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रही है और अपन…

kisaan pradarshanee mein phasal kraanti patrika kee dhoom

किसान प्रदर्शनी में फसल क्रांति पत्रिका की धूम

किसानों के बीच लोकप्रिय मासिक कृषि पत्रिका फसल क्रांति हाल नंबर 7 , स्टाल संख्या 769 में निःशुल्क पत्रिका वितरित कर रही है और मेले की सभी खबरों को न्यूज पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब के माध्यम से किसानों त…

Kisan 2019: Millions of farmers gathered on the third day of the fair

किसान 2019 : मेलें के तीसरे दिन जुटे लाखों किसान

किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से अवगत कराने के लिए हर साल पुणे में आयोजित होने वाले देश की सबसे बड़ी कृषि प्रदर्शनी ‘किसान’ का आयोजन 11 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक किया जा रहा है. इस मेलें में प्रत्येक वर्…

Rural women changed their lives by forming groups

ग्रामीण महिलाओं ने स्वयं समूह बनाकर बदली जिंदगी

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सक्रिय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनएलआरएम) ने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बड़े परिवर्तन किए हैं. दतिया में आजीविका मिशन पिछले लगभग चार स…

Horizontal Ad large