Fasal Krati

कृषि रसायनों के इस्तेमाल से बढेगी फसलोत्पादन : धर्मेश गुप्ता

Last Updated: December 19, 2019 (06:59 IST)

इस समय देश में बढती जनसँख्या और किसानों के ऊपर अधिक फसल उत्पादन बढाने का दबाव किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। लगातार सिकुड़ती कृषि भूमि से अधिक पैदावार लेना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है। कम कृषि भूमि में अधिक फसल उत्पादन लेने के लिए गुणवत्ता वाले कृषि रसायनों के सही इस्तेमाल से ही खाद्यान्न की मांग को पूरा किया जा सकता है। इसी विषय पर फसल क्रांति ने भारत इंसेक्टिसाइड लिमिटेड के निदेशक धर्मेश गुप्ता से बातचीत किया। पेश है बातचीत के कुछ मुख्य अंश... 

भारत इंसेक्टिसाइड किस तरीके से फसल उत्पादन बढाने में किसानों की मदद कर रहा है?

भारत इंसेक्टिसाइड लिमिटेड की शुरुआत साल 1977 में हमारे चेयरमैन एस एन गुप्ता ने की थी। इसके शुरुआत का उद्देश्य किसानों को गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद उपलब्ध कराना था। हमारी कंपनी किसानों के लिए मार्केट में उच्च गुणवत्ता वाले कृषि रसायन उपलब्ध करा रही है। मैं इस कंपनी में पिछले 20 वर्षों से काम कर रहा हूं। कंपनी के सभी डोमेस्टिक ब्रांड मैं ही देखता हूं।

किसानों का कंपनी के उत्पादों पर कैसा विश्वास है?

किसानों का भारत इंसेक्टिसाइड के ऊपर बहुत विश्वास है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसानों के विश्वास की बदौलत ही हम पूरे देश के लगभग सभी राज्यों में 4000 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के साथ काम कर रहे हैं। इसके अलावा हमारी 300 लोगों की सेल्स टीम है। जहां तक किसानों के विश्वास की बात है तो हमारी कंपनी की टैगलाइन है,' भारत इंसेक्टिसाइड लिमिटेड भरोसे का प्रतीक'। हमारे चेयरमैन एस एन गुप्ता जी ने पिछले 40 सालों में कड़ी मेहनत करके किसानों का विश्वास बनाया है।

कंपनी के उत्पादों के विषय में कुछ बताए?

यदि मैं कंपनी के उत्पादों की बात करूं तो हमारे पास 70 से अधिक कृषि उत्पाद है। ये उत्पाद किसानों के लिए मार्केट में उपलब्ध हैं। कंपनी का उद्देश्य किसानों को सही गुणवत्ता वाले कृषि रसायन किसानों तक पहुँचाना है। हम किसानों को किफायती दाम में अच्छे कृषि उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं। हमने पिछले 40 सालों में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि रसायन दिए हैं। जितनी भी फसलें है गेहूं, गन्ना, धान, कपास आदि सभी की बुवाई से लेकर कटाई तक जितनी भी परेशानिया आती हैं, उनके समाधान के लिए हमारे पास सभी उत्पाद उपलब्ध हैं ।

कंपनी के क्षेत्रीय और वैश्विक बाजार के विषय में कुछ बताए?

भारत इंसेक्टिसाइड लिमिटेड क्षेत्रीय एवं वैश्विक दोनों बाजारों में काम कर रही है। दोनों ही बाजार में हमारी अच्छी पकड़ है। विश्वस्तरीय कृषि रसायन उपलब्ध कराने के लिए हमने जापान की जानी मानी रसायन कंपनी निसान केमिकल के साथ टाईअप किया है। हमने कई अच्छे उत्पाद किसानों को उपलब्ध कराए हैं। इनमें से एक मसूरी है जो धान में ब्लाइट रोग को रोकने में बहुत ही कारगर है। इसके इस्तेमाल के बाद धान में ब्लाइट रोग खत्म हो जाता है। मसूरी की खासियत है कि फसल में रोग लगने के पहले और बाद में दोनों अवस्थाओं में काम करता है। किसानों में यह काफी लोकप्रिय उत्पाद है।

गन्ने में खरपतवार के लिए आपका कौन सा उत्पाद सबसे प्रभावी है?

हाल ही में हमने एक और नया उत्पाद लॉन्च किया है। यह उत्पाद गन्ने और मक्का में खरपतवार के नियंत्रण के लिए बनाया गया है। इस उत्पाद का ब्रांड नाम एलान है। अक्सर गन्ने में होने वाले खरपतवार मोथा की रोकथाम के लिए यह बहुत ही कारगार उत्पाद है। यह एक खरपतवारनाशक उत्पाद है। इसको इस्तेमाल करने के बाद किसानों से अच्छा फीडबैक मिल रहा है। एलान गन्ने और मक्का में होने वाले खरपतवार को नष्ट कर देता है। दोनों ही फसलों इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।   

जैविक खेती को देश में काफी प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे कृषि रसायन उद्योग पर कोई प्रभाव पड़ेगा? 

देखिये, एग्रोकेमिकल इंडस्ट्री में हम यह नहीं कहते हैं कि जैविक खेती नही करनी चाहिए। लेकिन इसी के साथ हमने यह भी देखना पड़ेगा कि यह जो हमारी 130 करोड़ की जनसंख्या है और लगभग 7 की ग्लोबल जनसख्या है, क्या जैविक खेती करके देश की इतनी बड़ी आबादी का पेट भरा जा सकता है। जिस हिसाब से जनसंख्या बढ़ रही है उस हिसाब से फसल उत्पादन नहीं बढ़ रहा है। आने वाले समय में जितनी बड़ी आबादी का पेट भरना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में जैविक खेती के आधार पर इतनी बड़ी आबादी का पेट भरना मुश्किल होगा। भविष्य में खाद्यान्न सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खतरा हमारे सामने हैं। देखा जाए तो मार्केट में जैविक उत्पादों का योगदान 1 प्रतिशत से भी कम है। जैविक खेती में किसानों की लागत ज्यादा लगती है और उत्पादन सामान्य होता है। इन सब चीजों को ध्यान में रखते यदि इतनी बड़ी जनसंख्या का पेट भरना है तो इसके लिए कृषि रसायनों का सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाना आवश्यक है।

दूसरी बात, कृषि रसायन के सही इस्तेमाल के लिए सरकार और निजी क्षेत्र की कंपनियों को किसानों को जागरूक करना चाहिए। किसानों को यह बताने की आवश्यकता है कि सही मात्रा में यदि गुणवत्ता वाले कृषि रसायनों का इस्तेमाल किया जाए तो इसका कोई भी नुकसान नहीं है।

भारत इंसेक्टिसाइड लिमिटेड की ओर से किसानों को आप क्या कहना चाहेंगे?

किसानों को मैं बस यही कहना चाहूँगा कि वो सस्ता न चुने बल्कि अच्छा चुने। किसानों फसल में अच्छी गुणवत्ता वाले कृषि रसायनों का ही इस्तेमाल करे। उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों से फसल पैदावार बढ़ेगी, इससे किसानों को फायदा मिलेगा। सस्ते उत्पादों के चक्कर में किसान फसल का नुकसान न करें । सबसे बड़ी बात किसान जब भी कोई उत्पाद ख़रीदे उसका बिल अवश्य ले और कृषि रसायन खरीदते समय उसके साथ मिलने वाली उपयोग निर्देशिका को ध्यानपूर्वक पढने के बाद ही इस्तेमाल करें।


MORE INTERVIEWS


Farmers can take 100 acres of produce in 1 acre: Prateek Sharma

100 एकड़ की पैदावार 1 एकड़ में ले सकते हैं किसान: प्रतीक शर्मा

देश में लगातार कम होती कृषि योग्य भूमि एक चिंता का विषय है। यदि इसी तरह भूमि खत्म होती रही तो भविष्य में खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो जाएगा और किसानों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इस स्थिति से निपटने के लिए नई कृषि तकनीकों के इस्तेमाल की आवश्यकता है। …

Gramophone will help farmers: Harshit Gupta

ग्रामोफ़ोन से मिलेगी किसानों को मददः हर्षित गुप्ता

जीवन में सफलता और असफलता आती रहती है लेकिन लेकिन वही व्यक्ति सफल होता है जो कड़ी मेहनत करता है, इसलिए इंसान को कभी भी मेहनत करने से पीछे नही हटना चाहिए। ऐसी ही सफलता हासिल की है कृषि के क्षेत्र में कुछ हटकर काम करने वाले चार युवाओं ने। इन युवाओं ने क…

Horizontal Ad large