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खेती में रोडेंट का समाधान करना आवश्यक : स्मित पटेल

Last Updated: November 22, 2019 (06:00 IST)

कृषि क्षेत्र में तेजी से बढती विकास की रफ़्तार से कृषि क्षेत्र में एक और क्रांति का आगमन हो रहा है। भारत में किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए निजी क्षेत्र ने पिछले एक दशक में जो रफ़्तार पकड़ी है उससे किसानों के लिए खेती करना बहुत आसान हो गया है। फसल में लगने वाली किसी बीमारी की बात हो या फिर मिट्टी की जांच हर समस्या से निपटने के लिए किसान को तकनीक का साथ मिला है। अभी तक किसान को फसल में लगी बीमारी या फिर कीटों से बचाने के लिए गिने चुने ही कृषि उत्पाद मिल पाते थे, लेकिन मौजूदा समय में किसान के पास बहुत से विकल्प है और कई अच्छे उत्पाद मार्केट में उपलब्ध है। इसी तरह किसानों की फसल को रोगों और खेत में चूहों की वजह से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए संध्या ग्रुप किसानों को इसका समाधान उपलब्ध करा रही है।

कंपनी के बारे में विस्तार से जानने के लिए फसल क्रांति की टीम ने इसी के विषय में कंपनी के निदेशक डॉ। स्मित पटेल से फसल क्रांति की टीम ने बात की। इस दौरान उन्होंने बताया की किस तरीके से कंपनी किसानों के साथ काम कर रही है। पेश है बातचीत के कुछ मुख्य अंश...

संध्या ग्रुप की शुरूआत कब और किन उद्देश्यों के साथ हुई?

संध्या ग्रुप की शुरुआत लगभग 3 दशक पहले साल 1984 में हुई थी। किसानों के लिए भारतीय बाजार में उच्च और विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना ही इसका उद्धेश्य है। संध्या ग्रुप मुख्य रूप से कीटनाशक और फर्मास्यूटिकल में काम करती है। इसमें कृषि रसायन, एंटी ओक्सिडेंट फासफाईड, औद्योगिक रसायन और विफेनक शामिल है। हम इस क्षेत्र से जुड़े रसायनों का निर्माण कर रहे हैं और रोडेंटीसाईड में भी हम मुख्य रूप से काम रहे हैं।   

संध्या ग्रुप की निर्माण इकाई एवं अनुसन्धान केंद्र किस स्तर की है?

संध्या ग्रुप हमेशा से ही गुणवत्ता पर विश्वास करता है, इसलिए उत्पाद के निर्माण के लिए हमारी निर्माण इकाई का इन्फ्रास्ट्रक्चर विश्वस्तरीय है और ये अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। साल 2003 में हमने गुजरात के वापी में निर्माण इकाई को स्थापित किया था। इसकी उत्पादन क्षमता 250 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। इसके अलावा गुजरात के ही सरिगाम में हमारी तीन अन्य उत्पादन इकाई है। इनकी क्षमता 2800 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। अनुसन्धान के लिए हमारे पास कुशल वैज्ञानिकों की टीम है, जो हमेशा बेहतर उत्पाद की खोज में लगे रहते हैं।  

चूहों की समस्या से निजात दिलाने के लिए आपके पास कौन से उत्पाद उपलब्ध है?

चूहों द्वारा नुकसान उठाना सभी के लिए एक बड़ी समस्या हैं। खेत में चूहें फसल को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा घरों और वेयरहाउस में रखे हुए उत्पादों को भी चूहे कुतर देते हैं। इससे हर साल किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। हमारे पास इस समस्या से निपटने के लिए कई तरह उत्पाद है। रोडेंटीसाईड में हम मुख्य रूप से काम कर रहे हैं। इसके लिए हमारे पास सनफोस, रैटोक्स और रैटबान जैसे उत्पाद उपलब्ध है। इनको जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा सकता है। हमारा जो उत्पाद है सनफोस इसमें 15 प्रतिशत एल्युमीनियम फोसफाईड है जबकि रैटोक्स में यह 6 प्रतिशत है। यह रोडेंट को कंट्रोल करने के लिए बहुत बढ़िया तकनीक है।

इन उत्पादों को किसानों तक पहुंचाने के लिए आप क्या कर रहे हैं?

इन उत्पादों को किसानों तक पहुंचाने के लिए हम कई तरह प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए इन उत्पादों को कई तरह से मार्केट में प्रमोट किया जा रहा है। सरकार से भी हमारी बात चल रही है, ताकि इन उत्पादों को किसानों तक आसानी से पहुंचाया जा सके। सरकारी एजेंसी के साथ भी हम काम कर रहे है। मार्केट में इन उत्पादों को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

आप कृषि रसायन क्षेत्र में किस स्तर पर काम कर रहे हैं।  

कृषि रसायन के क्षेत्र में हम पहले से ही काम कर रहे हैं। आने वाले समय में हम फौर्मुलेशन, टेक्निकल और इंटरमीडिएट कृषि रसायनों को भी शुरू करने वाले हैं। उम्मीद है अगले साल तक हम इंटरमीडिएट उत्पादों का निर्माण शुरू कर देंगे।

संध्या ग्रुप का मार्केट कैसा है?

संध्या ग्रुप देशभर में काम कर रहा है। लगभग सभी राज्यों में हम काम कर रहे हैं। हम अपने उत्पादों को हम 48 से अधिक देशों में निर्यात कर रहे हैं। क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजार में हमारी उपस्थिति है और हम बेहतर कर रहे हैं। निर्यात के लिए हमे कई बार सम्मानित किया जा चुका है। हमारे उत्पादों गुणवत्ता अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की है। इसलिए हमने अंतर्राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय बाजार में एक अच्छी पहचान बनाई है। 

फसल क्रांति के माध्यम से आप किसानों से क्या कहना चाहेंगे?

मैं अपने किसान भाईयों को बस इतना ही कहना चाहूँगा कि आप जो भी उत्पाद ख़रीदे उससे पहले यह सुनिश्चित कर ले कि वह अच्छी कंपनी का है। किसान नकली उत्पाद के इस्तेमाल से सावधान रहे अन्यथा इससे उनकी फसल को नुकसान होगा। यदि किसान कोई कृषि उत्पाद खरीदना चाहते हैं तो अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें। अधिकृत विक्रेता से उत्पाद खरीदने का फायदा यह होता है कि उत्पाद सही क्वालिटी का और सही दाम में मिलता है।


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