Fasal Krati

ग्राहकों की पहली पसंद एमआरएफ के टायर

Last Updated: October 22, 2019 (03:25 IST)

मद्रास रबर फैक्ट्री लिमिटेड, जिसे संक्षिप्त में एमआरएफ के नाम से जाना जाता है टायर की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है। कंपनी का डंका भारत समेत दुनियाभर में बज रहा है। इसका मुख्यालय चेन्नई में है। कंपनी टायर, टयूब, और कन्वेयर बेल्ट, पेंट और खिलौने सहित रबर के कई उत्पादों का निर्माण करती है। कंपनी विभिन्न वाहनों जैसे कारों, दोपहिया वाहनों, ट्रकों, बसों, ट्रैक्टरों, हल्के वाणिज्यिक वाहनों और एरोप्लेन टायरों के लिए विभिन्न डिजाइनों के टायर बनाती है। एमआरएफ के टायरों की ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रियता है। भारत के लाखों किसान भी एमआरएफ के टायरों को पसंद करते हैं। ज्यादा से ज्यादा अपने ग्राहकों खासकर किसानों तक पहुंचने के लिए एमआरएफ भारत भर में आयोजित होने वाले कृषि प्रदर्शनियों में अपने नये टायर श्रृंखला को प्रदर्शित करती है। इसी कड़ी में गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में आयोजित कृषि प्रदर्शनी में एमआरएफ ने बड़े पैमाने पर अपने टायरों को प्रदर्शित किया। 

टायरों को देखने व खरीदने के लिए दिन भर किसानों और ग्राहकों का तांता लगा रहता था। फसल क्रांति की टीम ने भी मेले का दौरा किया और एमआरएफ के स्टाल पर कंपनी के प्रतिनिधियों से मेले में प्रदर्शित होने वाले टायरों के बारे में जाना। टायरों के बारे में जानकारी देते हुए कंपनी के प्रतिनिधि कन्हैया ने कहा कि इस मेले में हमने कई तरह के टायरों को प्रदर्शित किया है।

उन्होंने कहा कि हम 1979 से ही टायरों का निर्माण एवं विपणन कर रहे हैं। तब से लेकर अब तक कई श्रंखलाओं में हमने टायरों को लॉन्च किया है। हम ग्राहकों की जरूरत के अनुसार लगातार अपने टायरों में बदलाव करते आ रहे हैं। बढ़ते तकनीकी के दौर में ग्राहकों की मांग बढ़ती जा रही है। अब तो अलगदृअलग कामों के लिए नये-नये ट्रैक्टर व मशीनें आने लगी है। जिसके चलते हमें भी उसी अनुरूप टायरों का बनाने की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि इस मेले में हमारे टायरों को देखने के लिए दूर-दूर से किसान आ रहे हैं। इस मेले में हमने धान की खेती के लिए विशेष रूप से टायरों को प्रदर्शित किया है। धान की खेती में कीचड़ व पानी अधिक होता है जिसके चलते ट्रैक्टर कीचड़ में फंस जाता है और स्लिप करने लगता है। हमने धान की खेती के लिए ऐसे टायरों का डिजाइन तैयार किया है जो कीचड़ में नहीं फंसता है और बिना स्लिप किए आसानी से चलता रहता है। ऐसे टायरों को यहां किसान खूब पसंद कर रहे हैं और उन्हें खरीद भी रहे हैं।      

उन्होंने कहा कि जिस तरह फिल्मों का सबसे बड़ा अवॉर्ड ऑस्कर होता है, उसी तरह आटोमोबाइल के क्षेत्र में सबसे बड़ा पुरस्कार जे.डी. पावर अवॉर्ड होता है। एमआरएफ को ट्रैक्टर टायर के लिए सबसे पहले जे.डी. पावर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अब तक हम इस अवॉर्ड को 12 बार जीत चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आजकल छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर कंपनियां छोटे ट्रैक्टर बनाने लगी हैं। हमनें भी छोटे ट्रैक्टरों के लिए विभिन्न प्रकार के टायरों को विकसित किया है। उन्होंने कहा कि एमआरएफ के टायर विश्वभर में खूब पसंद किए जाते हैं। हम भारतीय किसानों की सेवा में पूरी तरह से तत्पर हैं। हमारे टायर पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में, गीले क्षेत्रों से लेकर बेहद सूखे वाले इलाकों में भी एक समान सेवाएं देते हैं। यही कारण है कि भारत में हमारे टायर, ट्यूब खूब पसंद किए जाते हैं। कीमत की बात की जाए तो हमारे टायरों की कीमत भी किसानों के बजट में होता है। अगर टायर के लाइफ का औसत निकाला जाए तो हमारे टायर बेहत सस्ते लगेंगे।  


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