Fasal Krati

नये उत्पादों से बढ़ रही कृषि उत्पादकताः संजय गुप्ता

Last Updated: July 22, 2019 (05:37 IST)

अम्बर क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कृषि उत्पाद जैसे इनसेक्टिसाइड, हर्बीसाइड, फंगीसाइड और प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर को किसानों को बड़े पैमाने पर प्रदान करती है और इन उत्पादों के निर्माण में अपना प्रमुख स्थान रखती है। कंपनी की शुरूआत वर्ष 2008 में हुई। कंपनी का उद्देश्य किसानों को बेहतर उत्पाद मुहैया कराना है। अपने इसी उद्देश्य के साथ काम करते हुए करते हुए कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है और किसानों के लिए बेहतर उत्पाद को पेश कर रही है। कंपनी पिछले 10 वर्षों से किसानों की सेवा करती आ रही है। कंपनी के बारे में विस्तार से जानने के लिए फसल क्रांति की टीम ने कंपनी के प्रबंध निदेशक संजय गुप्ता जी से बातचीत की। प्रस्तुत हैं उनसे हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.....

इस वर्ष कौन से नये उत्पाद आप प्रस्तुत किये हैं और उसकी विशेषताएं क्या है?

हमारा उद्धेश्य किसानों की फसलों के उत्पाद को बढ़ाना व स्वस्थ रखना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम जैविक उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसी कड़ी में हमने दो नये जैविक उत्पादों, टैरी और जेब्रा जिंक को लॉन्च किया है। टैरी एक फंगस आधारित उत्पाद है जिसे माइकोराजा के नाम से जाना जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह पौधों की जड़ों में काम करता है। जिस तरह नींव मजबूत होने पर घर भी मजबूत होता है। उसी तरह अगर फसल की जड़ मजबूत हो तो फसल भी मजबूत व स्वस्थ होते हैं। टैरी मिट्टी में मौजूद सभी आवश्यक पोषक तत्व पौधों की जड़ों को देता है, जिससे पौधे स्वस्थ होते हैं। इसका फायदा यह होता है कि पौधे को पूरा खुराक मिलता है।

हमारा दूसरा उत्पाद जेब्रा जिंक भी काफी महत्वपूर्ण है। हम सभी जानते हैं कि लोग न जाने कितने वर्षों से काफी मात्रा में जिंक भूमि में डालते आ रहे हैं। जिससे खेतों में जिंक की असमानता आ गई है। जेब्रा जिंक की असमानता को दूर करता है और उसे समान रूप से खेतों में फैलाता है। यानी जिंक की खुराक खेत के कोने-कोने तक प्रत्येक पौधे को देता है। जेडएसबी (जिंक सोलाइबिजिंग) बैक्टिरिया आधारित होता है। जेडएसबी खेतों में डालते ही आधा घंटा के अंदर बैक्टिरिया सक्रिय हो जाते हैं। उसको अगर गोबर की खाद के साथ मिलाकर प्रयोग करें तो वह बहुत अच्छा काम करता है और चेन रियेक्शन करते हुए कम समय में ही पूरे खेत में फैल जाता है। अत्यधिक रासायनिक खादों के प्रयोग से जमीन में एक लेयर बन जाती है जिससे पौधों को आवश्यक तत्व नहीं मिल पाता है। यह मिट्टी को मुलायम बनाने ही हैं, साथ ही मिट्टी में मौजूद सभी पोषक तत्वों को पौधों को प्रदान करते हैं। 

इन उत्पादों का प्रयोग सिर्फ कुछ फसलों पर होगा या सभी प्रकार की फसलों पर होगा?

वैसे तो इसका प्रयोग मिट्टी में किया जाता है अतः इसका प्रयोग सभी प्रकार की पौधों पर होगा लेकिन अलग-अलग फसलों में कई तरह की बिमारियां व रोग लगते हैं। इसलिए उन बिमारियों के लिए हमारे पास अलग-अलग उत्पाद है। हमारी फसलों को रोगों व कीटों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रत्येक वर्ष 4जी, 5जी मोल्यूकूल्स पर आधारित उत्पादों को लॉन्च करने की कोशिश होती है। ताकी उनकी डोज की मात्रा कम हो, उनकी कम कीमत हो जिससे किसानों को फायदा हो। हम पर्यावरण के अनुकूल सभी तरह के उत्पाद को बनाते हैं। इसी कड़ी में हमने ब्रिक्स जो एक फफूंदीनाशक है, को पिछले वर्ष लॉन्च किया। एक एकड़ खेत में मात्र 26.6 ग्राम ब्रिक्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक सस्ता उत्पाद है जो किसानों के बजट में है। अगर हम बीमारी आने से पहले ही सचेत हो जाए तो बीमारी हमें होगी ही नहीं। उसी तरह अगर इसे खेत में प्रयोग किया जाए तो फसलों को कोई बीमारी होगी ही नहीं।

अपने लोकप्रिय उत्पाद हिटा और विर्ध के बारे में बताइये

हिटा को हमने इस वर्ष लॉन्च किया है। हिटा फसलों की जड़ों को मजबूत व स्वस्थ करता है और दीमक का भी सफाया करता है। इसकी मात्रा भी बहुत कम प्रयोग में ली जाती है। कम मात्रा में ज्यादा काम करने में हिटा सक्षम है। हम ऐसे उत्पादों लाने की कोशिश कर रहे है जिनकी प्रयोग करने की मात्रा बहुत कम हो और असर बहुत ज्यादा हो। हिटा भी उन्हीं उत्पादों में से एक है। विर्ध एक रेगुलेटर उत्पाद है जो फसलों की पैदावार को बढ़ाता है। साथ ही हमने जामा और टोम नामक उत्पादों को लॉन्च किया है।

आपके उत्पादों को लेकर किसानों की क्या प्रतिक्रिया है?

हमारे उत्पादों को लेकर किसान काफी खुश रहते हैं। जामा का रिस्पान्स गन्ने में बहुत अच्छा मिला है। उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों का कहना है कि अम्बर क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के उत्पाद मल्टीनेशनल कंपनी की तरह काम करते हैं और ये उन उत्पादों से बेहद सस्ते हैं। कम खर्च में ज्यादा काम करने के लिए किसान हमारे उत्पादों को ही पसंद करते हैं।        

किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में आपका क्या कहना है?

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किसानों को खुद अपने बारे में सोचने की आवश्यकता है। अपनी आय को दोगुनी कैसे करें इसके लिए किसानों को पूरे साल खेती करने की आवश्यकता है। ज्यादातर भागों में गेहूं की कटाई के बाद बरसात आने तक खेत खाली रहते हैं। किसानों को खेत खाली छोड़ने की बजाय ऐसे खाद्यान्न फसल या सब्जी फसल को लगाने चाहिए जो गर्मी में भी अच्छी उपज दे सकें। इससे उनके आय में इजाफा हो सकेगा। किसानों को पड़ोसी किसान का देखकर खाद-बीज का प्रयोग नहीं करना चाहिए बल्कि अपने खेत की मिट्टी के अनुरूप ही इन चीजों का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा किसानों को पारंपरिक खेती से थोड़ा हटकर नई तकनीक और नये उत्पादों के साथ व्यापारिक खेती करने की भी आवश्यकता है। किसानों को ऐसी फसलों का उत्पादन करना चाहिए जिसकी बाजार मूल्य अधिक हो। अगर किसान ऐसा करेगा जो धीरे-धीरे उसकी आय में इजाफा होने लगेगा।


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