Fasal Krati

ग्रामोफ़ोन से मिलेगी किसानों को मददः हर्षित गुप्ता

Last Updated: December 26, 2019 (05:40 IST)

जीवन में सफलता और असफलता आती रहती है लेकिन लेकिन वही व्यक्ति सफल होता है जो कड़ी मेहनत करता है, इसलिए इंसान को कभी भी मेहनत करने से पीछे नही हटना चाहिए। ऐसी ही सफलता हासिल की है कृषि के क्षेत्र में कुछ हटकर काम करने वाले चार युवाओं ने। इन युवाओं ने किसानों को समस्याओं को समझा और ग्रामोफ़ोन एप के जरिए उनका समाधान करना शुरू किया। ग्रामोफ़ोन एक स्टार्टअप है, किस तरीके से ग्रामोफ़ोन स्टार्टअप किसानों को उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध करा रहा है इसके विषय में फसल क्रांति ने कंपनी के फाउंडर हर्षित गुप्ता से बात की। पेश है बातचीत के कुछ मुख्य अंश..

ग्रामोफ़ोन कि शुरुआत कैसे और किन उद्देश्यों के कारण हुई?

ग्रामोफ़ोन की शुरुआत से पहले मैं और मेरे दोस्त निशांत वत्स, तौसीफ खान और आशीष सिंह जॉब करते थे, हमने आईआईटी से एग्रीकल्चर में शिक्षा ग्रहण की है और आईआईएम अहमदाबाद से एग्री बिज़नेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। ग्रामोफ़ोन की शुरुआत हम चारो दोस्तों ने इंदौर में एक साथ मिलकर की है। हमने देखा कि हमारे देश के किसान अनेक कृषि समस्याओं से जूझ रहे हैं। हम जमीनी स्तर पर किसानों से मिलें और उनसे बात की तब हमें अहसास हुआ कि कृषि के क्षेत्र में कुछ करने की आवश्यकता है। इसकी शुरुआत का उद्देश्य किसानों को फ़ोन के माध्यम से कृषि की आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। ग्रामोफ़ोन, ग्राम और फ़ोन से मिलकर बना है। इसका सीधा मतलब गावों में फ़ोन के माध्यम से तकनीक को पहुँचाना और गांवों को आपस में जोड़ना है। आज भी बहुत सारे गांवों में कृषि की आधुनिक जानकारी के अभाव में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हम ग्रामोफ़ोन के माध्यम से इसी समस्या को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रामोफ़ोन के माध्यम से किसानों को कृषि सम्बंधित जानकारी कैसे मिलती है?

इसके लिए हमने ग्रामोफ़ोन मोबाइल एप्लीकेशन को तैयार किया है। मोबाइल एप्लीकेशन के साथ ही हमने किसानों के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। यदि किसान को फसल संबंधित जानकारी, फसल में लगने वाली बीमारी, फसल मूल्य आदि से जुड़ी कोई भी समस्या होती है तो वे ग्रामोफ़ोन एप पर अपने आप को पंजीकृत करके जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा किसान हमारे टोल फ्री नंबर पर भी फ़ोन करके कृषि सम्बन्धी सभी जानकारी हमारे कृषि विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसान को किसी उत्पाद, उर्वरक, कृषि रसायन या फिर अन्य किसी उत्पाद की आवश्यकता होती है तो हम उस उत्पाद को भी किसान तक पहुंचाते हैं। अक्सर देखा गया है कि किसान को पैसे देने के बावजूद भी सही गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद न मिलने के कारण किसान को नुकसान पहुंचता है। हम इसको लेकर भी काम कर रहे हैं ताकि उनको सही उत्पाद मिल सके।

ग्रामोफ़ोन एप के किसी खास सेक्शन के विषय में बताएं?

फसल और कृषि सम्बंधित सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हमने "ग्रामोफ़ोन" एप में 50 से अधिक फसलों को डिजिटलाइज़ किया है। इन फसलों का हमने पूरा शेड्यूल बनाया है। फसलों की बुवाई से लेकर कटाई तक आने वाली सभी समस्याओं के निपटने की जानकरी को हमने एप में फीड किया है, ताकि किसान कृषि सम्बंधित कोई भी जानकारी हासिल कर सके। मैं बताना चाहूंगा कि इस एप में हमने MY farm (माय फार्म) के नाम से एक सेक्शन भी बनाया है। इस सेक्शन में जाकर किसान को अपने खेत में कब और कौन सी फसल लगानी है उसके विषय में पूरी जानकारी देनी होती है। उसके बाद किसान को स्वत: नोटिफिकेशन के माध्यम से जानकारी पहुंचना शुरू हो जाती है। इस जानकारी के माध्यम से किसान को पता लगता रहता है की हर 15 दिन बाद किसान को उसकी फसल में क्या करना है, कौन सी बीमारी फसल में लग सकती है और उसका समाधान क्या है। यह सभी जानकारी किसान को मिलती रहती है।

क्या उर्वरकों के प्रयोग पर भी ग्रामोफ़ोन किसानों को जागरूक करता है?

हां, ग्रामोफ़ोन इस दिशा में भी काम कर रहा है। आज के समय में अंधाधुंध उर्वरकों के इस्तेमाल से मिट्टी ख़राब होती जा रही है। हम किसानों को कृषि रसायनों और उर्वरकों के सही इस्तेमाल के विषय में जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा हम जैविक खेती को भी बढ़ावा दे रहे हैं। हम एप के माध्यम से प्रयास कर रहे हैं कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जा सके। अधिक से अधिक किसानों को इस मुहीम से जोड़ने के लिए हम कॉल सेंटर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

ग्रामोफ़ोन एप को किसान कहा से डाउनलोड कर सकते हैं?

मैं किसान भाईयों को बताना चाहूँगा कि वे ग्रामोफ़ोन मोबाइल एप को गूगल प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड करके अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इस एप को हमारी टीम जमीनी स्तर पर किसानों से मिलकर इस एप के इस्तेमाल के तरीके बता रहे है, साथ ही साथ उनके फ़ोन में इस एप को डाउनलोड कर रहे हैं। अभी तक ग्रामोफ़ोन को 150000 से अधिक किसान डाउनलोड कर चुके हैं। इसके अलावा 250000 से अधिक किसान ग्रामोफ़ोन एप के माध्यम से कृषि जानकारी हासिल कर रहे हैं।

आपके अनुसार किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

आज के समय में किसानों के सामने बहुत सारी चुनौतियां हैं जैसे उत्पादों का सही दाम न मिलना, मौसम की सही जानकारी उपलब्ध न होना, मार्केट में नकली कृषि रसायनों की भरमार से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। हम अपने स्टार्टअप के माध्यम से प्रयास कर रहे हैं कि किसानों की इन समस्याओं के विषय में उनको अधिक से अधिक जागरूक किया जा सके। हमारा प्रयास अधिक से अधिक किसानों को अपने साथ जोड़ना और उनको जागरूक करना है ताकि किसानों को लाभ मिल सके। इसके अलावा हम किसानों को क्रेडिट सुविधा उपलब्ध काम कर रहे हैं।


MORE INTERVIEWS


Farmers can take 100 acres of produce in 1 acre: Prateek Sharma

100 एकड़ की पैदावार 1 एकड़ में ले सकते हैं किसान: प्रतीक शर्मा

देश में लगातार कम होती कृषि योग्य भूमि एक चिंता का विषय है। यदि इसी तरह भूमि खत्म होती रही तो भविष्य में खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो जाएगा और किसानों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इस स्थिति से निपटने के लिए नई कृषि तकनीकों के इस्तेमाल की आवश्यकता है। …

Gramophone will help farmers: Harshit Gupta

ग्रामोफ़ोन से मिलेगी किसानों को मददः हर्षित गुप्ता

जीवन में सफलता और असफलता आती रहती है लेकिन लेकिन वही व्यक्ति सफल होता है जो कड़ी मेहनत करता है, इसलिए इंसान को कभी भी मेहनत करने से पीछे नही हटना चाहिए। ऐसी ही सफलता हासिल की है कृषि के क्षेत्र में कुछ हटकर काम करने वाले चार युवाओं ने। इन युवाओं ने क…

Horizontal Ad large