डिजिटल माध्यम से जुड़कर जानकारी हासिल करें किसान : गौरव फुल

कृषि कार्यों को करने के लिए किसानों को कृषि उपकरणों की आवश्यकता है और कृषि उपकरण बिना पहिये यानी बिना टायर के नहीं चल सकते ऐसे में किसानों की टायर की जरुरत को पूरा करने का जिम्मा उठा रही है जानी-मानी कंपनी सीएट स्पेशलिटी टायर्स। फसल क्रांति ने कंपनी के अधिकारी गौरव फुल से बात की। उन्होंने बताया की किस तरीके से यह सीएट कंपनी किसानों के लिए कार्य कर रही है। पेश बातचीत के कुछ मुख्य अंश...  

कंपनी के विषय में बताए ?

सीएट स्पेशलिटी टायर्स आरपीजी ग्रुप की कंपनी है। आजादी के बाद से यह कंपनी लगातार किसानों को अपनी बेहतरीन सेवाएं उपलब्ध करा रही है। साल 1958 में इस कंपनी की शुरुआत हुई। कंपनी मुख्य रूप से सभी तरह के टायर का निर्माण करती है। आरपीजी ग्रुप में सीएट स्पेशलिटी टायर्स के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मा आदि भी कई कम्पनियां हैं। आरपीजी एक प्रतिष्ठित ग्रुप है। सीएट स्पेशलिटी टायर्स कि 7 उत्पादन इकाईयां हैं जिसमें 6 भारत में और एक श्रीलंका में है। हमारी कंपनी उत्पाद का निर्माण करते समय गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखती है।  

सीएट स्पेशलिटी टायर्स के मुख्य उत्पाद कौन-कौन से हैं?

हम ट्रक, ट्रैक्टर, स्कूटर, मोटर, आदि सभी प्रकार के टायरों का निर्माण करते हैं। सीएट स्पेशलिटी टायर्स का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी बड़ा है। कृषि उपकरणों के टायर हम काफी समय से बना रहे हैं और हमारे पास कृषि क्षेत्र में प्रयुक्त हर एक कृषि उपकरण के टायर उपलब्ध है। यहाँ तक कि टैक्टर के अलावा हमारे पास ट्रॉली, बैलगाड़ी, घोडा गाडी और अन्य प्रकार के कृषि उपकरणों के टायर बनाते हैं। यानि हम कृषि क्षेत्र से लेकर इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में प्रयोग होने वाले टायर भी बनाते है। हमारे ग्राहकों को एक ही छत के नीचे सभी तरह के उत्पाद मिल जाते हैं।  

कृषि क्षेत्र में प्रयुक्त मुख्य टायर कौन-कौन से है?

चूंकि खेती में सबसे अधिक ट्रैक्टर में टायर का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए हमारे पास ट्रैक्टर टायर की पूरी रेंज उपलब्ध है। हमारे पास कृषि में प्रयुक्त टायरों कि कई मुख्य सीरीज है। इसमें किसानों के मध्य सबसे लोकप्रिय सीरीज है आयुष्मान टायर सीरीज। इसकी ख़ास बात यह है कि इसमें गुड्डियां बहुत गहरी होती हैं, जिससे कि यह टायर हर तरह कि अवस्था में चलने में सहायक है। इसकी सबसे ख़ास बात यह है कि यह लम्बे समय तक चलता है और काफी टिकाऊ भी होता है। इस सीरीज के टायर का जीवनकाल काफी अच्छा है। इस सीरीज में हमारे पास ट्रैक्टर के अगले और पिछले दोनों टायर उपलब्ध है। इसके अलावा हमारे पास सम्राट टायर सीरीज भी उपलब्ध है। इस सीरीज में हमारे पास ट्राली के टायर उपलब्ध हैं जो लम्बे समय तक चलते हैं और टिकाऊ भी हैं। इसके अलावा सभी प्रकार के कृषि टायर हमारे पास उपलब्ध हैं।  

कोरोना प्रभाव को इंडस्ट्री पर किस नजरिए से देखते हैं और आपने क्या एतिहातन कदम उठाए?

इस समय कोरोना महामारी से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया लड़ रही है। पूरी दुनिया आर्थिक स्तर पर एकदम पीछे आ गयी है। इससे जान और माल का भारी नुकसान हुआ है। जिसके चलते भारत में भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और आर्थिक मोर्चे पर भी काफी नुकसान हुआ है। प्रोडक्शन यूनिट काफी समय तक बंद रही है। खासकर ट्रैक्टर इंडस्ट्री के उत्पादन इकाई कुछ समय तक बंद होने से टायर इंडस्ट्री को भी नुकसान पहुंचा है। चूँकि इस साल इंडस्ट्री में उछाल कि उम्मीद थी लेकिन कोरोना ने इस पर पानी फेर दिया है। हमें उम्मीद है कि अक्टूबर तक इंडस्ट्री फिर से सही ट्रैक पर आ जाएगी। इसके अलावा हम अपनी सभी उत्पादन इकाईयों में कोरोना से बचाव को ध्यान में रखते हुए जरुरी कदम उठा रहे हैं। सीएट स्पेशलिटी टायर्स के सभी कार्यालयों और प्लांटों पर सोशल डिस्टेन्सिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसी के साथ हम अपने कर्मचारियों को पीपीई किट दे चुके हैं और इसके साथ ही मास्क और दस्ताने भी सभी को उपलब्ध कराए जा चुके है। ताकि हमारे कर्मचारी सुरक्षित रहे और कोरोना से लड़ाई में सहयोग करें।  

इस कठिनाई की घड़ी में सामाजिक उत्थान के लिए आपने क्या कार्य किए?

यह पूरे देश के लिए कठिनाई का समय है ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि अपने साथ हम अपने देशवासियों का भी ख्याल रखे। इसी को ध्यान में रखते हुए सीएट स्पेशलिटी टायर्स ने अभी तक सामाजिक उत्थान के लिए कई तरह के कार्य किए हैं। हमने अभी तक अपनी ख़ास मुहीम के तहत 5000 से अधिक ट्रकों को सैनेटाइज कराया। इसके अलावा हम कई लाख मास्क, दस्ताने, पीपीई किट और भोजन वितरित कर चुके हैं। इसके अलावा हमने एक स्टार्टअप के साथ मिलकर वेंटिलेटर पर भी काम करना शुरू कर दिया है। हम दुकानों और शोरूम में रखे सीएट स्पेशलिटी टायर्स का भी सैनेटाइजेशन का कार्य करा रहे हैं और सोशल डिस्टन्सिंग के प्रति अपने ग्राहकों को जागरूक कर रहे हैं।

कोरोना से मार्केटिंग पर क्या असर पड़ा और इसमें क्या बदलाव देखने को मिले?

कोरोना महामारी के चलते कंपनियों की मार्केटिंग पर काफी असर पड़ा है और एकदम से बड़े बदलाव हुए है। इस माहमारी के शुरू होने से पहले हमारी कंपनी ने किसानों तक सीधे पहुँचने कि तैयारी की थी। यानी हम अपने ग्राहकों तक डायरेक्ट आउटरीच का प्लान बना चुके थे परन्तु कोरोना महामारी के चलते हमने समय रहते अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी में बदलाव किए। कंपनी की मार्केटिंग टीम ने इसके अन्य विकल्प खोजे और पाया कि हमारे किसान भाई और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग सोशल मीडिया और टेलीविज़न पर बहुत ज्यादा सक्रीय हो रहे हैं। जिसके चलते हमने टेलीविज़न सोशल और डिजिटल मीडिया के माध्यम से अपने किसानों तक पहुँचने का कार्य किया और आज हम बहुत ही अच्छे तरीके से इस पर काम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह हमारे किसान भाईयों तक पहुंचने का एक बहुत ही अच्छा माध्यम है। हमारे ग्रामीण क्षेत्रवासी और किसान सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया के माध्यम बहुत जल्दी जानकारी हासिल कर लेते है इसलिए हमने किसानों के लिए वेबिनार का भी आयोजन किया है। मैं अपने किसान भाईयों से अनुरोध करता हूं कि वो कृषि क्षेत्र कि अत्याधुनिक जानकारी हासिल करें और नवीन कृषि तकनीकों को अपनाएं। 

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