उचित फसल के लिए किसान मिट्टी की जांच कराए : हर्ष दहिया

लगातार ख़राब होते मिट्टी के स्वास्थ्य से किसानों की समस्या बढ़ रही है. इससे फसल उत्पादन में कमी आ ही रही है इसके साथ ही मानव शरीर को भी नुकसान पहुँच रहा है. मिट्टी के स्वास्थ्य का ख़राब होने का एक बड़ा कारण है,  किसानों द्वारा अत्यधिक कृषि रसायनों और उर्वरकों का इस्तेमाल करने से मिट्टी का स्वास्थ्य ख़राब हो रहा है.  जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति कम लगातार कम होती जा रही है. यदि किसान सही मात्रा में उर्वरकों और कृषि रसायनों का इस्तेमाल करें तो ही उनको अधिक फसल उत्पादन मिल सकता है. उर्वरकों और रसायनों का सही मात्रा में इस्तेमाल करने के लिए जरुरी है कि किसान मिट्टी जांच अवश्य कराए. इसी के विषय में हमने मिट्टी जांच किट बनाने वाली कंपनी हार्वेस्टो के डायरेक्टर हर्ष दहिया से बात की उन्होंने बताया कि  कृषि उत्पादन बढाने में मिट्टी जांच का कितना अहम योगदान है.

आपकी कंपनी की शुरुआत के पीछे क्या उद्देश्य रहा ?

देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है. इसलिए कृषि को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है. देश की आबादी को भरपूर खाद्यान की पूर्ती के लिए अधिक उत्पादन की आवश्यकता है. जिसके लिए कृषि रसायनों और उर्वरकों का सही मात्रा में इस्तेमाल करना बहुत जरुरी है. यह तभी संभव हो सकता है जब किसान को यह पता हो की उसके खेत की मिट्टी को कौन से पोषक तत्व की आवश्यकता है. इसके लिए मिट्टी की जांच कराना अति आवश्यक है. कंपनी का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की जांच कराना है जिससे किसानों को अधिक लाभ हो. मिट्टी के लिए हम मिट्टी जांच किट किसानों तक पहुंचा रहे हैं, ताकि किसान अपने खेत की मिट्टी की जानकारी लेकर उसके हिसाब से आवश्यक पोषक तत्वों का प्रयोग कर सके. 

 मिट्टी की जांच की विधि क्या है ?

मै बताना चाहूँगा मिट्टी की जांच करने के लिए इस मिनी लैब को इस्तेमाल करने में कोई ज्यादा झंझट नहीं है. यह अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. इस मशीन के द्वारा मिट्टी की जांच करने के लिए सबसे पहले खेत से मिट्टी के सैंपल लेते हैं. यह मिट्टी जांच लैब मिट्टी के 14 मापदंडो पर काम करती है जिसमें कार्बन, नाईट्रोजन, फोस्फोरस, पोटेशियम, कॉपर, जिंक, सल्फर, बोरोन, आयरन , मैगनीज, पीएच और एल्केलाईन की जांच करती हैं. इससे सभी पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है. अधिक पैदावार के लिए उसी के आधार पर पोषक तत्वों का प्रयोग करना चाहिए.

युवा कृषि क्षेत्र में काम करना नहीं चाहता फिर भी आपने कृषि क्षेत्र को चुना ?

ये बात सही है, मौजूदा समय में पढ़ा लिखा युवा अच्छी नौकरी करना चाहता है, लेकिन इसके मुखर मैंने इंजीनियरिंग और विदेश से एमबीए करने के बाद मैंने अपनी आंतरिक इच्छा से इसको चुना. मै अपने देश के लिए कृषि क्षेत्र में कुछ करना चाहता हूँ, इसलिए मैंने कृषि क्षेत्र को चुना और मुझे लगता है कि अब समय बदल रहा है . अब युवा भी खेती में अत्याधुनिक तकनीक के साथ कृषि क्षेत्र कार्यरत हैं.

इससे किसानों की आय में क्या लाभ है ?

जैसा की हमारे प्रधानमंत्री जी ने किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, तो सही मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने से किसानों की आय बढ़ेगी. यदि किसान मिट्टी की जांच करेगा/कराएगा तो उससे किसान आवश्यकतानुसार पोषक तत्वों का प्रयोग करेगा तो उससे आय में इजाफ़ा होगा. इससे मिट्टी को सही मात्रा में पोषक तत्व मिलेंगे और किसानों के खेत में फसल भी अच्छी होगी और उत्पादन भी बढेगा.

मिट्टी जांच मशीन के जरिए ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार की क्या संभावनाए हैं ? 

हमारी इस टेक्नोलॉजी के आने से पहले मिट्टी जांच लैब को स्थापित करने में लगभग 20 से 25 लाख रूपये लगते थे, लेकिन हमारी इस टेक्नोलॉजी से मिट्टी जांच की लैब को मात्र 90000 रूपये में स्थापित किया जा सकता है, जिससे कोई भी युवा किसान दूसरों मिट्टी की जाँच से अच्छा व्यवसाय कर सकता है. इसके लिए किसी लाइसेंस या किसी ख़ास योग्यता की आवश्यकता नही है. बारहवीं पास युवा भी आसानी से इस लैब को चला सकता है. हम मिट्टी जांच लैब स्थापित करने के लिए के टेक्निकल, मार्केटिंग ट्रेनिंग का पूरा सहयोग देते हैं. और अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9212302277 पर संपर्क कर सकते है.

किसानों को क्या कहना चाहेंगे ?

मै किसानों को यही कहना चाहूँगा की मिट्टी हमारी कृषि का मूलभूत आधार है. किसान साल में एक बार मिट्टी की जांच अवश्य कराए जिससे पोषक तत्वों की कमी को पूरा कर अपनी अधिक आय बढ़ा सकते हैं. इसके लिए  हम किसानों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं.

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