किसानों को आवश्यक सावधानियां बरतने की आवश्यकता : प्रशांत बेलगमवार

कोरोना महामारी से पूरा संसार कई साल पीछे चला गया है। पूरे संसार में इस समय कोरोना के चलते जान और माल दोनों का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। विश्वभर में कई लाख लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। कोरोना की लड़ाई में भारत को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस लड़ाई में सहयोग करने के लिए किए गए आह्वान को देशहित में सर्वोपरि मानते हुए सभी बढ़ चढ़कर अपनी प्रतिभागिता कर रहे हैं। देश की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले कृषि क्षेत्र से जुड़े हर एक व्यक्ति ने  कोरोना से लड़ाई में पूरा सहयोग किया। इसी के चलते कृषि क्षेत्र की कंपनियों ने अपनी सक्रिय प्रतिभागिता दिखाई और कोरोना से लड़ाई में आगे आयी। लॉकडाउन के चलते जिस तरह से सभी उद्योग धंधे बंद रहे उससे देश को सभी उद्योग क्षेत्रों में भारी नुक्सान उठाना पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र भी इसका शिकार हुआ है, हालांकि सरकार द्वारा कृषि कार्यों को छूट पहले से ही दी गई है। बावजूद इसके कृषि उद्योग को कई स्तरों पर नुकसान उठाना पड़ा है। इसकी जानकारी हासिल करने और कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों से उनकी राय जानने के लिए फसल क्रांति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए कृषि क्षेत्र के जाने माने लोगों को आमंत्रित किया जिसमें कृषि क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी एडवांटा के बिज़नेस डायरेक्टर प्रशांत बेलगमवार ने अपने विचारों को साझा किया। जानिए उन्होंने क्या कहा....

यूपीएल एडवांटा एक बहुराष्ट्रीय भारतीय कंपनी है। मैं इस कम्पनी में बिज़नेस डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हूं। एडवांटा यूपीएल की ही एक सब्सिडरी कंपनी है और यह विश्व के कई देशों में काम कर रही है। एडवांटा मुख्य रूप से बीजों का निर्माण करती है। मैं इस कंपनी में काफी समय से कार्य कर रहा हूँ। मैं एक एग्रोनॉमिस्ट हूं। मैंने 30 साल कृषि क्षेत्र में काम किया है। जिसमें मुझे सबसे अधिक बीज क्षेत्र में काम का अनुभव है। इस समय कोरोना से पूरी दुनिया में गंभीर हालात पैदा हो चुके हैं। हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन लॉकडाउन के चलते कृषि क्षेत्र में काफी परेशानियां हो रही हैं। फिर भी किसान अपने खेतों में डटा हुआ है और पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहा है। मैं तो अपने देश के किसान भाईयों को धन्यवाद देना चाहूंगा कि इस मुश्किल समय में किसानों की बदौलत ही देश की जनता का पेट भर रहा है। कोरोना से कृषि उद्योग पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इससे काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। बीज क्षेत्र को भी लॉकडाउन और कोरोना के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि मार्च से लेकर जून तक बीज कंपनियों के लिए अच्छा समय होता है। इस समय में कोरोना के कहर ने सबकुछ बदल कर रख दिया है। फार्म पर बीज उत्पादन से लेकर बीज टेस्टिंग और सप्लाई चैन सभी बंद है। बीज तैयार करने के बाद उसकी पैकेजिंग के बाद डीलरों तक फिर किसानों तक पहुँचाया जाता है, लेकिन कोरोना के चलते इस पूरी प्रक्रिया के बंद होने से बीज उद्योग क्षेत्र को नुकसान हुआ है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा और कृषि क्षेत्र को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कर पाएंगे।

लॉकडाउन के बाद से काफी चीजें बदल जाएंगी और काम करने के तरीकों में भी काफी बदलाव आएंगे। इसलिए चीजों को सामान्य होने और इस स्थिति से उबरने में थोड़ा समय तो लगेगा। अभी तक कोरोना की न तो कोई दवा बनी है और न ही इसका कोई इलाज है। मैं कहना चाहूंगा की अब हमें कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण पर भी ध्यान देना होगा ताकि कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सके। हमें पोस्ट हार्वेस्ट तकनीकों पर भी ध्यान देना होगा। एडवांटा मुख्य रूप से मक्का के बीजों पर काम करती है। हम किसानों को गुणवत्तायुक्त मक्का बीजों कि वैरायटी उपलब्ध करा चुके हैं। मक्का के अलावा भी एडवांटा किसानों को अन्य कई फसलों के बीज उपलब्ध करा रही है। मैं अपने किसान भाईयों को कहना चाहूंगा कि इस गंभीर स्थिति में वो घबराए नहीं, बल्कि अपने आप को इस महामारी से सुरक्षित रखने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन करें और सोशल डिस्टेंसिंग का ख़ास तौर पर ध्यान रखें तथा अपने कृषि कार्यों को पूर्व कि भांति जारी रखें। हम किसानों के साथ खड़े हैं और उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द हालात सामान्य होंगे और सबकुछ फिर से सही हो जाएगा। मैं एक बार फिर से अपने किसान भाईयों को धन्यवाद देना चाहूंगा।

प्रशांत बेलगमवार का पूरा साक्षात्कार वीडियो में देखने के लिए यहाँ क्लिक करें:

https://www.youtube.com/watch?v=XeUzG470m3o&t=58s


https://www।facebook।com/fasalkranti/videos/2622365544701376/

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