स्काइमेट किसानों के लिए समर्पितः जतिन सिंह

स्काइमेट वेदर सर्विसेज भारत की सबसे बड़ी कृषि मौसम जोखिम प्रबंधन कंपनी है जो विशेष तौर पर किसानों के लिए काम कर रही है। कंपनी कृषि के लिए जलवायु जोखिम को मापने, मौसम की भविष्यवाणी और एग्री टेक्नालॉजी में विशेषज्ञता हासिल की हैं। स्काइमेट ने मौसम और कृषि की सटीक मापन के लिए नये प्रौद्योगिकियों और उपकरणों को विकसित किया है। इसके साथ कंपनी कई क्षेत्रों जैसे- छोटे और सीमांत किसान, शहरी निवासी, ऊर्जा कंपनियां, बीमा कंपनियों, राज्य सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों इत्यादि के साथ काम कर रही है। स्काईमेट सेंसर के नेटवर्क के द्वारा किसानों और आम जन को काफी फायदा पहुंच रहा है।

कंपनी के विषय में और विस्तार से जानने के लिए फसल क्रांति की टीम ने कंपनी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक जतिन सिंह से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने खुलकर स्काईमेट के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्काइमेट जलवायु जोखिम और मौसम की भविष्यवाणी से संबंधित काम भी करता है। हम कृषि बीमा कंपनियों के साथ काम करते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हम राज्य सरकारों के साथ भी काम कर रहे हैं जो किसानों के हक में है। हम किसी भी फसल के लिए ग्राम स्तर पर सटीकता के साथ पैदावार का सही माप और अनुमान लगाते हैं। हम लघु, मध्यम और दीर्घकालिक रूप से सटीक रूप से मौसम की भविष्यवाणी भी करते हैं। स्काइमेट वर्तमान में अपने आधुनिक सेंसर के द्वारा ग्रामीण भारत के हर तहसील स्तर पर भी मौसम पूर्वानुमान लगा रहा है। इतना ही नहीं हम प्लाट स्तर पर भी मौसम पूर्वानुमान करते हैं। हम किसानों के लिए समर्पित हैं। हमारे मौसम पूर्वानुमान की सटीकता सेंसर के कारण बहुत हाई होती है। हमारे आने से मौसम के क्षेत्र में पूर्वानुमान में लोगों का विश्वास बढ़ा है। इसके पहले कोई भी सटीक मौसम पूर्वानुमान नहीं करता था। हम 7 वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं और ज्यादातर हमारा अनुमान सटीक होता है। हम छोटे स्तर पर भी मौसम पूर्वानुमान करने लगे हैं। सटीकता के मामले में अभी तक हमें कोई टक्कर नहीं दे पाया है। हम अभी और प्रमाणिकता के लिए काम कर रहे हैं।

आपके द्वारा मौसम पूर्वानुमान की जानकारी किसान कहां से ले सकता है पूछे जाने पर जतिन सिंह ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान की जानकारी हमारे बेवसाइट और एग्री एडवाइजरी, जोकि 8 भाषाओं में है, से ले सकता है। हम तहसील स्तर पर मौसम बोर्ड के द्वारा, आईवीआर कॉलिंग के द्वारा, टेक्स्ट मैसेज व व्हाट्सअप के द्वारा भी लोगों तक मौसम की जानकारी पहुंचाते हैं। इसके अलावा हमारा ऐप और यूट्यूब चैनल भी है जहां मौसम की जानकारी दी जाती है। अगर आपको यह देखना है कि आपके खेत, आपकी गली और आपके इलाके में कब बारिश होने वाली है तो आप हमारे बेवसाइट पर विजिट कर इसकी पूरी जानकारी ले सकते हैं। हमारा ऐप भी है जिससे लगातार मौसम की जानकारी मिलती रहती है। हमारे ऐप से 50 किलोमीटर दूर तूफान की जानकारी भी मिल जाती है। हम आनेवाले मानसून सीजन में 10 दिल पहले तक का पूर्वानुमान दे देंगे ताकि किसान उस हिसाब से खेती के कामों को कर सकें। मौसम से संबंधित कई विडियोज को हम हिन्दी, मराठी और अंग्रेजी भाषाओं में अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करते रहते हैं जिसको देखकर किसान लाभ उठाते हैं। मौसम के क्षेत्र में हमने काफी सहूलियत प्रदान किया है। हमारा प्रयास है कि हम किसानों के लिए एक ऐसा ऑटोमैटिक सिस्टम विकसित करें जिससे उन्हें मौसम की जानकारी अपने आप मिल जाए।

किसानों की आय कैसे दोगुनी हो इस विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करना मुश्किल काम है लेकिन इसे योजनाबद्ध तरीके से किया जाय तो इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्हें उनकी उपज की सही कीमत मिलनी चाहिए तभी इस दिशा में कुछ किया जा सकता है।

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