अस्पी के उपकरण से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी संभवः किरन एल पटेल

अस्पी स्प्रेयर्स उपकरण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 1946 में लल्लूभाई माकनजी पटेल द्वारा की गई थी। उस समय पटेल ने “अमेरिकन स्प्रिंग एंड प्रेसिंग वक्र्स“ के बैनर तले एक छोटा वर्कशॉप खोला और उसी नाम को बरकरार रखते हुए वर्ष 1947 में रोटरी डस्टर का उत्पादन शुरू किया। समय के साथ कंपनी कृषि और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अधिक से अधिक परिष्कृत कृषि स्प्रेयर, डस्टर और अन्य उपकरणों के विकास पर जोर देना शुरू किया जिसके कारण किसानों तक अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो रहे हैं।

कंपनी के बारे में विस्तार से जानने के लिए फसल क्रांति की टीम ने कंपनी के प्रबंध निदेशक किरन भाई पटेल से बातचीत की। प्रस्तुत है उनसे हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश...

कंपनी किस तरह से किसानों की सेवा कर रही है?

हम कृषि में प्रयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों को बनाकर एवं उनकी जानकारी किसानों तक पहुंचा कर, कृषि उत्पादकता को बढ़ाकर किसानों की सेवा कर रहे हैं। हमारी कंपनी शुरू से ही अपने उत्पादों के कारण ग्राहकों के बीच लोकप्रिय है। हम ग्राहकों को बेहतर उत्पाद देने में विश्वास रखते हैं। यही कारण है कि हम अपने उत्पादों की गुणवत्ता को बनाए हुए हैं। किसानों ने कंपनी के इस प्रयास और उत्पाद गुणवत्ता को सराहा है और खूब पसंद भी कर रहे हैं।

अस्पी कितने प्रकार के स्प्रेयर्स का निर्माण करता है?

हम पांच श्रेणियों के स्प्रैयर्स को बनाते हैं। पहला ट्रैक्टर माउंटेन स्प्रैयर्स, दूसरा पावर ऑपरेटेड, तीसरा मेन्यूल ऑपरेटेड, चैथा फार्म मैकेनिज्ड और पांचवें श्रेणी में हम फोगर्स को बनाते हैं जिसका ज्यादातर उपयोग नगर निगम विभाग द्वारा मलेरिया रोकथाम के लिए किया जाता है। स्प्रैयर्स के अलावा हम ब्रश कटर, रोटरी टिलर और अन्य छोटे कृषि उपकरणों को बनाते हैं और उनका निर्यात करते हैं।

अन्य कंपनियों से आपके उपकरण किस तरह बेहतर हैं?

भारत में स्प्रैयर्स की सबसे बड़ी श्रृंखला हमारे पास है। सबसे अच्छी गुणवत्ता के उपकरण हम बनाते हैं। हम केवल बिक्री पर ध्यान नहीं देते हैं बल्कि गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हैं। कई कंपनियों के स्प्रेयर्स के नोजल जल्दी खराब हो जाते हैं लेकिन हमारे स्प्रेयर्स की यह विशेषता है कि अगर इन्हें एक बार प्रयोग कर कई महीने रखा जाए तब भी इसका नोजल खराब नहीं होता है। यूरोप और अफ्रीकी देशों की कुछ कंपनियां ही इस तरह के उपकरण बना रही है। भारत में अस्पी ही ऐसी कंपनी है जो उच्च गुणवत्ता के उपकरण ग्राहकों को प्रदान कर रही है।

आपके उत्पाद को लेकर ग्राहकों की क्या प्रतिक्रियाएं है?

हमारे ग्राहक हमारे उत्पाद को लेकर काफी खुश होते हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि हमारे उत्पाद ग्राहकों का साथ लंबे समय तक देते है। उनके रखरखाव पर भी कम खर्च होता है। यानि एक बार लागत लगाने के बाद सिर्फ मुनाफा ही मिलता है। कई ऐसे भी किसान है जो आज भी 40 साल पुरानी स्प्रैयर्स का प्रयोग कर रहे हैं और लाभ कमा रहे हैं। कोल्हापुर के एक किसान शिवाजी जयवंत लोखंडे ने वर्ष 2002 में स्प्रैयर को खरीदा था। आज भी वो नये स्प्रैयर की तरह उसको इस्तेमाल कर रहे हैं। लोखंडे उसको किराया पर देते हैं और 1000 रूपया प्रतिदिन कमा रहे हैं। उन्होंने उस स्प्रैयर्स की बदौलत एक घर भी बना लिया है।

भारत के अलावा अन्य कितने देशों को आप अपने उपकरण निर्यात कर रहे हैं?

भारत के अलावा हम ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कांगो, दुबई, इथोपिया, आयरलैंड, केन्या, कुवैत, मलावी, मलेशिया, मालदीव, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, ओमान, पेरू, सऊदी अरब, सिंगापुर, सोमालिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, तंजानिया, यू.एस.ए., युगांडा, वेनेजुएला, वियतनाम और अन्य देशों में अपने उपकरणों को निर्यात कर रहे हैं।

अस्पी किस तरह के एक्टिविटी को करता है?

हम विभिन्न सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में योगदान देते हैं। इसके अलावा हम राम कृष्ण मिशन के माध्यम से विभिन्न ग्रामीण आधारित कार्यक्रमों के लिए अस्पी ग्रुप और अस्पी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत नियमित रूप से लाखों रुपये का योगदान करते है। राम कृष्ण मिशन के माध्यम से केरल के हाल के सुनामी प्रभावित हिस्सों में भी अस्पी की उपस्थिति थी, जहां स्कूलों के पुनर्निर्माण का कार्य किया गया था। किसानों के मनोबल को बढ़ाए रखने के लिए हम प्रत्येक वर्ष देश भर के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करते हैं। हाल ही में हमने कई किसानों को पुरस्कृत किया।   

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