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किसान के बेटे का अनोखा कारनामा, बनाया मल्टी वॉट एलईडी बल्ब

Last Updated: June 24, 2019 (02:37 IST)

हर व्यक्ति के अंदर असीम प्रतिभा छिपी होती है। जो व्यक्ति नया और अलग करने का जोखिम उठाता है, उसे निश्चित रूप से सफलता मिलती है। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड स्थित सुदूर गांव बासुड़दा के रहने वाले 24 साल के कामदेव पान ऐसे ही एक व्यक्ति हैं, जो अपने हुनर से नाम रोशन कर रहे हैं। किसान के पुत्र कामदेव पान ने मल्टी वॉट एलईडी बल्ब डिजाइन किया है, जो आवश्यकता अनुसार तीन अलग-अलग पावर की रोशनी देता है। कामदेव के बनाए मल्टी वॉट बल्ब स्विच ऑन-ऑफ करने पर 3, 9 और 12 पावर वॉट की रोशनी देता है। इसके साथ ही कामदेव ने कम कीमत वाला इंवर्टर बल्ब भी बनाया है, जिसे टॉर्च की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कामदेव को अपने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी मदद का इंतजार है। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त अमित कुमार से इस संबंध में मुलाकात की है।

बेचते थे इमरजेंसी लाइट

गांव के साधारण किसान परिवार से निकलकर कामदेव ने सुविधाओं एवं संसाधनों के नितांत अभाव में जीते हुए भी अपना लक्ष्य ऊंचा बनाए रखा और उसी के अनुरूप आगे बढ़े। पढ़ाई जारी रखने के साथ परिवार चलाने के लिए कामदेव साकची बाजार में इमरजेंसी लाइट बेचते थे। उसी समय बाजार में एलईडी लाइट आई थी। कामदेव ने फ्यूज एलईडी बनाने का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कम कीमत पर नया एलईडी बनाने की सोची और इस दिशा में काम शुरू कर दिया। बाजार में लोगों को अलग-अलग कमरों के लिए अलग-अलग वॉट के बल्ब खरीदते देखते थे। सोचा कि एक ही बल्ब पर आवश्यकता के अनुसार रोशनी मिले तो लोगों को अलग-अलग बल्ब नहीं खरीदना होगा। इसी सोच को उन्होंने हकीकत में बदल दिया।

ऐसे काम करता है बल्ब

एक ही एलईडी बल्ब से तीन अलग-अलग वॉट की रोशनी के लिए तीन आइसी (इंटीग्रेटेड सर्किट) का इस्तेमाल किया गया है। जिस प्रकार पंखे का रेगुलेटर काम करता है उसी प्रकार बल्ब में रेगुलेटर की जगह स्विच काम करता है। स्विच ऑन-ऑफ करने पर बल्ब अलग-अलग वॉट की रोशनी देता है।

बाजार में बढ़ने लगी मांग

कामदेव के बनाए बल्ब की मांग बाजार में बढ़ने लगी है। उन्होंने तीन अलग-अलग वॉट की रोशनी देने वाले मल्टी वॉट बल्ब की कीमत 200 रुपये और इंवर्टर बल्ब की कीमत भी 200 रुपये रखी है। कामदेव फिलहाल जमशेदपुर के साकची में अपनी पत्नी और बेटा के साथ रहते हैं। पांच भाइयों में सबसे छोटे कामदेव के पिता विश्वनाथ पान गांव में खेती करते हैं।

साभार- दै.जा.


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