Fasal Krati

पार्क में शानदार बाग, लगते हैं 25 विभिन्न किस्मों के आम

Last Updated: August 05, 2019 (05:24 IST)

हर कोई आम खाना पसंद करता है। आम खाने की खुशी तब और बढ़ जाती है जब ताजे फल की उपलब्धता हो। यह आमतौर पर लखनऊ जैसे शहरों के लिए आम बात नहीं है क्योंकि प्रत्येक परिवार के पास सीमित भूमि उपलब्ध है और आम के पेड़ सभी घरों में लगाना कठिन कार्य है। आसपास के लोगों द्वारा यह शौक पूरा करने के लिए पार्कों में उपलब्ध भूमि का उपयोग करके आम का बाग लगाया गया है। विराट खंड-2 एसोसिएशन ने कुछ ऐसे ही पार्क विकसित किये हैं। कहने को तो पार्क का नाम गुलाब पार्क है पर इसमें आम के विशेष किस्मों के पेड़ लगे हैं। एसोसिएशन के सदस्यों का प्रयत्न और केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ की किस्मों और कलम करने की तकनीक से इस पार्क में लंगड़ा, दशहरी, आम्रपाली और चौसा जैसी पुरानी किस्मों के साथ-साथ संस्थान द्वारा विकसित अरुणिका और अंबिका जैसी नई किस्में भी फल-फूल रही हैं। यह पार्क लखनउ शहर में विशेष प्रसिद्धि पा रहा है।

यदि आप एक ही पेड़ पर कई किस्मों के आम को फलते देखना चाहते हैं, तो आपको मलिहाबाद नहीं जाना होगा, बल्कि आपकी यह लालसा विराट खंड-2 स्थित गुलाब पार्क में भी पूरी हो सकती है। दरअसल बीग में आम लगाने का कार्य बी के सिंह ने किया। उनके द्वारा शुरू किए गए प्रयासों की जितनी सराहना की जाए कम होगी। उन्होंने लगभग एक दशक पहले आम के पौधे लगाए। सीतापुर रोड के एक बाग में लाल आमों को देखने के बाद,  उन्होंने संस्थान से संपर्क किया और इन पारंपरिक किस्मों के पेड़ों को लाल रंग के फलों वाली किस्मों में परिवर्तित करने का अनुरोध किया। जब अंबिका और अरुणिका जैसी किस्में आम नहीं थीं, तो बड़े आकर के पेड़ों पर टॉप वर्किंग की गई (पेड़ों को दूसरी किस्मों में बदलने की एक कला)। आम के पेड़ों को लंगड़ा और अरुणिका की कई शाखाओं के साथ आम्रपाली में बदल दिया गया था। धीरे-धीरे 12 साल की अवधि में, लगभग 25 किस्मों को पेड़ों पर ग्राफ्ट किया गया और हर साल इस गतिविधि को जारी रखा गया ताकि अच्छी संख्या में एक ही पेड़ पर कई किस्में वाले पौधे हों हो जाये। तरह तरह के आम को देखने के लिए कई लोग पार्क आते हैं।

जब केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ के निदेशक डॉ राजन ने बीके सिंह से पूछा कि इन फलों को स्कूली बच्चों से कैसे बचाया जाता है जबकि आमतौर पर सार्वजनिक पार्कों में आम परिपक्वता से पहले तोड़ लेते हैं। उन्होंने बताया कि आगंतुकों के लिए बनाए गए अनुशासन नियमों से फलों को बचाने में मदद मिलती है। सीज़न के दौरान, 2000 लोग एक भी आम को नुकसान पहुंचाए बिना रोज़ पार्क घूम सकते हैं क्योंकि इस फल तोड़ने पर 1000 रुपये का जुर्माना है। इस पार्क में रविवार को मैंगो पार्टी का आयोजन भी किया जाता है जहां पार्क के सक्रिय सदस्य इसमें शामिल होते हैं और विभिन्न प्रकार के आम का आनंद लेते हैं। अंबिका और अरुणिका फल को गणमान्य लोगों को भेंट भी किए जाते हैं। यहां के सदस्य आम खाने का आनंद लेते हैं और पार्क को सुरक्षित करने में भी सामूहिक प्रयास करते हैं।


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