Fasal Krati

‘समृद्धि परियोजना’- जल संरक्षण व कृषि आजीविका में सुधार

Last Updated: May 10, 2019 (23:07 IST)

परनॉड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन (पीआरआईएफ) यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पानी को एक साझा, सार्वजनिक संसाधन के रूप में निरंतर प्रबंधित किया जाए। भारत में प्राकृतिक संसाधनों के एक अग्रणी कॉर्पोरेट अभिभावक के रूप में संस्था के 360-डिग्री वाटर स्टीवर्डशिप प्रोग्राम के तहत जल प्रबंधन करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पीआरआईएफ कई राज्यों में कार्य कर रही है जो समुदायों, नागरिकों और पर्यावरण को उल्लेखनीय लाभ पहुंचाती हैं।
समृद्धि परियोजना का क्रियान्वयन जिला अलवर के ब्लाक बेहरोर (राजस्थान) में एस एम सहगल फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। परियोजना का केंद्र वाटरशेड संरचनाओं के निर्माण द्वारा जल संरक्षण, कृषि में सुधार कर 8000 से अधिक ग्रामीणों की आजीवका में वृद्धि करना, कृषि में जल संरक्षण तकनीकों से ग्रामीणों को अवगत करवाना ताकि वे फसल से बढ़िया पैदावार ले सकें, तथा युवाओं को डिजिटल साक्षरता और जीवन कौशल पर शिक्षा देना है। यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र सतत विकास (एसडीजी) के दो लक्ष्यों,  ‘गरीबी की पूर्णतः समाप्ति’ और ‘साफ पानी और स्वच्छता’ पर आधारित है।

बीते दिनों गांव महाराजावास और लक्सिवास में जल संरचनाओं का निर्माण कर एक सामूहिक कार्यक्रम के माध्यम से परनॉड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन और सहगल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रामीणों को सौंपा गया। ‘समृद्धि परियोजना’ तीन साल की एकीकृत परियोजना है जिसके तहत जल प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा पर कार्य किया जाएगा। इस परियोजना के तहत अलवर जिले के करौदा, अंतपुरा, अनटोली, बनहद, और महाराजवास के पांच गांवों को जल प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त होगा।

परियोजना के तहत सतही जल भंडारण के लिए तालाबों का निर्माण और कायाकल्प किया जाएगा ताकि लोगों को घरेलू कार्यों, सिंचाई और पशुपालन के लिए पानी की भरपूर उपलब्धता हो सके। इसी के साथ भूजल पुनर्भरण संरचनाएं बनाना जैसे नाला बांध और रिचार्ज कुएं, बेकार पानी की निकासी के लिए सोखते कुओं का निर्माण व पानी बचत सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देने समेत युवाओं के लिए डिजिटल साक्षरता और जीवन कौशल शिक्षा की कक्षाओं की सुविधा प्रदान करना है।

सुनील दुग्गल, उपाध्यक्ष, कॉरपोरेट अफेयर्स, परनॉड रिकार्ड इंडिया ने कहा कि हमें एहसास है कि हमारा व्यवसाय इस सीमित और कीमती प्राकृतिक संसाधन पर निर्भर करता है और हम इस संसाधन का जिम्मेदारी से उपयोग करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। घटते भूजल और जलभृतों का पुनर्भरण करना हमारी सर्वोपरि प्रतिबद्धताओं में से एक है और हम निरंतर जल स्तर को बढ़ाने का प्रयास करते रहते हैं।

सहगल फाउंडेशन की मुख्य परिचालन अधिकारी, अंजली माखीजा, ने साझा किया कि परियोजना के दौरान ग्रामीणों को संगठित कर भौतिक संपत्ति और सार्वजानिक सम्पति की स्थिरता पर प्रशिक्षित किया जाएगा।

परनॉड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन के बारे में-

परनॉड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन देश के उन संगठनों में से एक है जो देश में साझा मूल्यों में अग्रणी है। इसका कॉर्पोरेट उद्देश्य ग्रामीणों के लिए एक बेहतर भविष्य को आकार देना है, जो जल प्रबंधन, शिक्षा, आजीविका उत्पादन, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक परिवर्तन निर्माताओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करना है।

एस एम सहगल फाउंडेशन के बारे में–

एसएम सहगल फाउंडेशन ('सहगल फाउंडेशन') एक सार्वजनिक परोपकारी न्यास है, जो भारत में 1999 से पंजीकृत है। इसका ध्येय ग्रामीण भारत में सकारात्मक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरर्णीय बदलाव के लिए सामुदायिक नेतृत्व को विकसित करना है ताकि ग्रामीण अंचल का हर व्यक्ति सुरक्षित व समृद्ध जीवन व्यतीत कर सकें।


MORE ON THIS SECTION


This barber runs in a Mercedes and a Rolls Royce

मर्सिडीज और रोल्स रॉयस में चलता है यह नाई

आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और रोल्स रॉयस जैसी कारों का शौख रखता है। जी हां, इनका नाम रमेश बाबू है और ये बेंगलुरू के जाने माने अरबपति हैं, लेकिन आ…

Forest grown on barren land from orange waste

संतरे के अपशिष्ट से बंजर जमीन पर उगा जंगल

क्या आपने बंजर जमीन पर जंगल उगते देखा है। कोस्टा रिका के उत्तर में स्थित गुआनाकास्टे रिज़र्व की बंजर जगह पर 1990 में 12 हज़ार टन संतरों के छिल्के और रस निकाल लिए जाने के बाद बची लुग़दी डाल दी गई थी ले…

A future rocket will fly with the fuel of cow urine and cow dung

गौमूत्र और गोबर के ईंधन से उड़ान भरेगा भविष्य का रॉकेट

आप यह शीर्षक पढ़तक हैरत में पड़ गये होंगे लेकिन यह सच हो सकता है। दरअसल, गोबर के मिश्रण से उच्चकोटि की हाइड्रोजन गैस बनती है। आवश्यक परिष्करण कर इसका इस्तेमाल रॉकेट के प्रोपेलर में ईंधन के रूप में भी …

Plastic free India campaign program organized

प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम का आयोजन

कृषि विज्ञान केंद्र रीवा द्वारा महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में गाँधी जी के जीवन पर एक छात्र-छात्राओं के बीच भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कृषि विज्ञान केन्द्र में प्लास्टिक मुक…

Horizontal Ad large