किसान महिलाएं हुई प्रशिक्षित

मौजूदा समय में महिलाएं नया इतिहास बना रही है। खासकर उद्यमिता के क्षेत्र में हम महिलाएं काफी अच्छा काम कर रही है। देश में उद्यमिता के क्षेत्र में हजारों महिलाएं ऐसी हैं जो दूसरी महिलाओं को प्रेरित कर रही है। सरकार भी महिलाओं को उद्यमिता से जोड रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करा रही है। राजस्थान के बूंदी में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर 20 से अधिक महिलाओं को फल और सब्जी प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया गया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कृषि विज्ञान केंद्र की डॉ. कमला महाजनी ने फल-सब्जियों के उत्पाद-आंवले का जैम,  आचार,  मुरब्बा, कैंडी,  शर्बत,  गटागट,  गुलाब शर्बत,  सहजन की कैंडी आदि को बनाने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया।

केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक प्रो. हरीश वर्मा ने महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद फल-सब्जी प्रसंस्करण तकनीक को रोजगार के रूप में लघु उद्योग के जरिए महिलाओं की आय बढाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान प्रशिक्षण प्रभारी सुचित्रा शर्मा एवं पूजा शर्मा ने आश्वस्त किया कि हम रोजगार सृजन के लिए मूल्य संवर्धन तकनीकों को समूह में अपनाकर लघु उद्योग की शुरुआत करेंगे। कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. घनश्याम मीणा एवं उद्यान वैज्ञानिक इंदिरा यादव ने भी महिलाओं को आवश्यक जानकारी दी। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने सभी तकनीकों को बारीकी से समझा।

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