दो संस्थाएं मिलकर करेंगी मृदा प्रयोगशाला नेटवर्क की स्थापना

एशियाई स्तर की मृदा प्रयोगशाला नेटवर्क (सीलनेट) के तत्वावधान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के साथ साझेदारी में राष्ट्रीय स्तर पर एक मृदा प्रयोगशाला नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। डॉ पुष्पजीत चौधरी, प्रबंधक, चार्ल्स रेनार्ड एनालिटिकल लेबोरेटरी,  ने कहा कि प्रयोगशाला सरकारी एजेंसियों में कार्यरत मिट्टी प्रयोगशाला कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में भी लगी हुई है।

सीलनेट एशियाई देशों के मृदा प्रयोगशाला प्रबंधकों के लिए एक मंच है और एफएओ की वैश्विक मृदा साझेदारी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्थायी प्रबंधन और मृदा संसाधनों के संरक्षण के लिए तरीकों, मापों और संकेतकों के सामंजस्य को स्थापित करना है। माना जा रहा है कि इससे भारतीय कृषि को नया बल मिलेगा और किसानों को नई तकनीकी से लाभ भी मिलेगा।

मृदा विश्लेषण के लिए एफएओ-सर्वोत्तम अभ्यास मैनुअल का मसौदा तैयार करने में डॉ. पुष्पजीत कोर टीम की सहायता करेंगे।

तीसरे सीलनेट की बैठक फिलीपींस में बीते सप्ताह आयोजित की गई थी। 16 एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया।

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