टियरा : एक नई सोच

कृषक समुदाय के जीवन में खुशहाली लाने और उनकी उत्पादन को बढ़ाने के लिए टियरा एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड की शुरूआत हुई। टियरा का उद्देश्य किसानों की लागत को कम करना और उनकी उत्पादकता को बढ़ाना है। वर्ष 2013 में अपने निगमन के बाद से, कंपनी ने लगातार नए और उन्नत उत्पादों को वितरित करने के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास पर अपना ध्यान केंद्रित किया है जो वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं। कंपनी को बीज और कृषि व्यवसाय क्षेत्र में 10 दशकों के संयुक्त अनुभव के साथ  3 दूरदर्शी लोगों द्वारा शुरू किया गया था। असाधारण अनुसंधान क्षमताओं और विविध अनुभव से लैस, यह स्वदेशी उत्पादों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

2018 में, टियरा एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड (टी.ए.पी.एल) ने कपास बीज का व्यवसाय बढ़ाने के लिए दो कंपनियों के कपास बीजों का अधिग्रहण किया। कंपनी ने जाइलम सीड्स प्राइवेट लिमिटेड और मोनसेंटो होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड का ब्रांडेड कपास व्यवसाय का अधिग्रहण किया। इन अधिग्रहणों ने टियरा को भारतीय बीज बाजार में एक अलग बाजार उपस्थिति बनाने में मदद की। बाजार में मजबूत पकड़ के साथ, टियरा का लक्ष्य एक विश्वस्तरीय कंपनी बनना है।

टियरा के पास कपास में नंबर 1 जर्मप्लाज्म है। इसने टमाटर में दुनिया की पहली टी.ओ.एस.पी.ओ. (टोस्पो) वायरस रोधी तकनीक भी विकसित की है और अन्य बहुऱाष्ट्रीय कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं। कंपनी की अनुसंधान एवं विकास शाखा डी.एस.आई.आर मान्यता प्राप्त है। उत्पाद वितरण से पहले उत्पाद परीक्षण के लिए भारत भर में 38 परीक्षण स्थान हैं।

टियरा में कपास, मक्का, चावल, संकर सरसों, बाजरा और सब्जी के बीज शामिल हैं। टियरा की कपास तकनीक अनोखी हैं। यह उच्च घनत्व वाले रोपण और मशीन चुनाई के लिए अनुकूल है। टमाटर बीजों में यील्डसेक्योर के  5 हाइब्रिड किस्में हैं जो गैर-जी.एम टी.ओ.एस.पी.ओ. (टोस्पो) रोधी और कई रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली हैं। टियरा के पास लगभग 15,000 खुदरा विक्रेताओं के लिए 1200 वितरकों का एक नेटवर्क है। कंपनी हैदराबाद में स्थित है और उनकी अनुसंधान एवं विकास शाखाएं हैदराबाद, बैंगलोर, पुणे और गुड़गांव में स्थित हैं।

अधिक जानकारी के लिए, टियरा की वेबसाइट पर जाएं: www.tierraagrotech.com

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