सुमिन्तर इंडिया ने जैविक खेती के लिए किया किसानों को प्रशिक्षित

सुमिन्तर इंडिया ऑर्गेनिक्स द्वारा चलाए जा रहे जैविक खेती जागरूकता अभियान के तहत रतलाम जिले के सुंडी (शिवगढ़) गांव में 50 किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। किसानों को सोयाबीन में जैविक विधि द्वारा कीट नियंत्रण करने के बारे में बताया गया।

कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक (शोध एवं विकास) संजय श्रीवास्तव ने किसानों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान उन्होंने किसानों को बताया कि कीट के आगमन का पता फेरोमोन ट्रैप लगाकर कर सकते हैं और कीटों को नियंत्रण कर सकते हैं। जैविक कीट नियंत्रण हेतु किसान आसपास उगने वाले पेड़ पौधों जैसे- नीम, धतूरा, आक, बेशर्मा, जरमरी, सदाबहार, कनेर जैसे पत्तों से कीटनाशक बनाकर फसल पर प्रयोग कर बिना खर्च के कीट नियंत्रण कर सकते हैं।

उन्होंने मक्का की फसलों पर फाल आर्मीवार्म कीटों के प्रकोप का भी समाधान बताया। सुमिन्तर इंडिया द्वारा आए हुए सभी किसानों को जैविक खेती की पुस्तिका, पांचत्ती काढ़ा एवं वेस्ट डिकम्पोजर घोल की बोतल भी दी गई। पांचत्ती काढ़ा जोकि वानस्पतिक कीटनाशक है, को सुमिन्तर इंडिया ने कर्मचारियों ने स्वयं तैयार किया है।

प्रशिक्षण के दौरान सुंडी गांव में विकसित “आदर्श जैविक प्रक्षेत”  किसानों को दिखाया गया जहां वे “आदर्श जैविक प्रक्षेत” और सामान्य तरीके से बोई गई सोयाबीन फसलों का तुलनात्मक अध्ययन किया। संजय श्रीवास्तव ने किसानों को बताया कि कैसे बिना अतिरिक्त खर्च से जैविक विधि द्वारा सोयाबीन की अच्छी खेती की जा सकती है।

स्थानीय व्यवस्था कंपनी के एक्जीक्यूटिव शानू सिंह ने किया और संजय श्रीवास्तव ने किसानों का धन्यवाद दिया।

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