अक्षय ऊर्जा आपूर्ति कंपनी के मॉडल को मिली सराहना

सीआईआई अपने 125 साल पूरे होने के अवसर पर सीआईआई चंडीगढ़ पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी डायलॉग 2020 जो सीआईआई उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय में आयोजित किया गया। इस वार्ता का उद्देश्य उद्योग और अन्य विषय विशेषज्ञों को एक साथ लाकर सेक्टर में चुनौतियों और नये अवसरों पर चर्चा करना था।

अक्षय ऊर्जा आपूर्ति कंपनी के मॉडल को भारत सरकार द्वारा अच्छी तरह से सराहा गया है। इस मॉडल में, उपभोक्ताओं को कुछ भी नहीं देना होगा और बिजली उन्हें 15 साल के लिए निर्धारित मूल्य पर बेची जाएगी। देवेन्द्र दलाई, सीईओ, क्रेस्ट, चंडीगढ़ प्रशासन प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार अब इस मॉडल को अन्य राज्यों में अपनाने के लिए विचार कर रही है।

विक्रम हंस, पूर्व अध्यक्ष, सीआईआई चंडीगढ़ और एमडी, मल्टी ओवरसीज (आई) प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि उपभोक्ताओं को सब्सिडी का जल्द वितरण किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी उपयोगकर्ता चाहे वह वाणिज्यि हो या घरेलू, का हमें हर संभव मदद करनी चाहिए।

सर्वजीत सिंह विर्क, अध्यक्ष, चंडीगढ़ काउंसिल और एमडी फिनवासिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भी सभा को संबोधित किया और पारंपरिक से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में क्रमिक विकास के बारे में अपने विचार साझा किए और कहा कि चंडीगढ़ विभिन्न ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की ओर बढ़ रहा है।

भारत का बिजली क्षेत्र दुनिया में सबसे अधिक विविधता वाला है। देश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है और आने वाले वर्षों में इसके और बढ़ने की उम्मीद है। देश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, नवीकरणीय ऊर्जा सहित स्थापित उत्पादन क्षमता में बड़े पैमाने पर वृद्धि की आवश्यकता है। मई 2019 में, भारत बिजली उत्पादन में 25 देशों में 4 वें स्थान पर था।

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