क्रॉपलाइफ इंडिया ने टिड्डियों को रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की

क्रॉपलाइफ इंडिया ने देश में टिड्डी हमलों के मद्देनजर किसानों और स्प्रे प्रबंधन एजेंसियों के लिए एक सलाह जारी की है। टिड्डी प्रबंधन के लिए जारी की गई एडवाइजरी में किसानों को रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों और मोबाइल आदि के माध्यम से क्षेत्र में टिड्डी दल के हमले की जानकारी रखना शामिल है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि फसलों की सुरक्षा के लिए, नीम के तेल, 5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। इसके अलावा खेतों में शोर मचाना या घंटियों, टिनों, थाली ​​या अन्य तरीकों से जोर से शोर पैदा करें ताकी टिड्डों के झुंड खेतों से दूर रह सकें।  

एसोसिएशन ने एफएओ अनुशंसित रसायनों का उपयोग करने का सुझाव दिया है, जिन्हें राज्यों में रेगिस्तान टिड्डी के नियंत्रण के लिए पंजीकरण समिति द्वारा भी अनुमोदित किया गया है। छिड़काव इस तरह से किया जाना चाहिए कि तालाब, नदी, जल जलाशयों आदि में पानी का कोई संदूषण न हो।

क्रॉपलाइफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, असित्व सेन ने कहा कि वर्तमान समय में, देश में रेगिस्तान टिड्डी का व्यापक आक्रमण है। टिड्डी दल वर्तमान में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर चुकी हैं, जो राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और पंजाब से होकर गुजरती हैं। इसलिए, टिड्डियां कृषि उपज को एक गंभीर चुनौती दे सकती है।  हम केंद्र और राज्य सरकारों के ठोस प्रयासों को सराहते हैं, जिसमें आधुनिक तकनीक और छिड़काव उपकरणों का उपयोग शामिल है।

पारंपरिक स्प्रे प्रणाली के अलावा, क्रॉपलाइफ इंडिया ने टिड्डियों और अन्य आक्रामक कीटों को नियंत्रित करने के लिए अनुशंसित एग्रोकेमिकल्स के छिड़काव के लिए ड्रोन के व्यापक उपयोग का सुझाव दिया है। ड्रोन से टिड्डियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

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