विश्व की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना आवश्यक : हरीश चव्हाण

सीआईआई के चंडीगढ़ मुख्यालय में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान सीआईआई पंजाब के अध्यक्ष तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा की स्वराज डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरीश चव्हाण ने कहा कि पंजाब में विकास की गति को बल देने के लिए सरकार और उद्योग का आपसी सहयोग बहुत आवश्यक है।

सीआईआई सरकार के साथ मिलकर न केवल उभरते अवसरों के बारे में उद्योगों को जानकारी देगा बल्कि उनको सफल बनाने के लिए सभी आवश्यकताओं से भी उनको अवगत करवाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए सरकार द्वारा बनाई गई स्थिर नीतियों और उनके प्रावधानों से विकास में मदद मिलेगी। कुशल मानव संसाधनों की अनुपलब्धता, गुणवत्ता की कमी, खराब बुनियादी ढांचा आदि मौजूदा समस्याओं को दूर करने के लिए यह जरूरी है कि एक दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में संयुक्त दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। प्रगतिशील कंपनियों ने विश्व की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया है और परिचालन उत्कृष्टता को लागू करने का बीड़ा उठाते हुए लीन, सिक्स सिग्मा, टीपीएम तथा एकीकृत व्यापार योजना जैसी प्रथाओं को पिछले एक दशक में अपनाया है। इनसे न केवल व्यवसाय के प्रदर्शन में सुधार हुआ है बल्कि निरंतर सुधार की प्रणालियों का कार्यान्वयन भी हुआ है। पंजाब क्षेत्र की कंपनियों के लिए यह आवश्यक है कि वह पहले सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाएं और बाद में प्रतियोगियों के साथ प्रतिस्पर्धा पर ध्यान दें।

उन्होंने कहा कि आज के चुनौतीपूर्ण समय में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नए युग निर्माण वाली प्रथाओं को अपनाना अति आवश्यक है। ऑटो सहित सभी क्षेत्रों में विनिर्माण ठप है और इस क्षेत्र में उद्योगों को भविष्य के लिए तैयार होने के लिए महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी पहल कैसे शुरू कर सकते हैं यह जानना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के उद्योगों का उद्यमी प्रवृत्ति का होना और उद्यमियों की अटूट भावना देश के से सभी अवगत है। उद्योगों के आगे बढऩे से ही पंजाब राज्य को विकसित होने और लोगों को कुछ ही समय में धनी होने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विकास के अगले चरण को छूने के लिए आवश्यक परिवर्तनों को अपनाने का अब समय आ गया है।

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