Fasal Krati

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पपीते की खेती से कमाइए प्रति हेक्टेयर 10 लाख से अधिक...

खेती से कमाई कराने के मामले में पपीता आपके लिए एक बेहतर विकल्‍प हो सकता है। हाल के दौर में मार्केट में आई हाईब्रिड किस्‍मों के चलते पपीते से कमाई करना पहले से ज्‍यादा आसान हुआ है। आप एक हेक्‍टेयर पपीते की खेती से एक सीजन में करीब 10 लाख रुपए तक की कमाई कर सकते हैं। पपीते की खासियत यह है कि इसकी फसल …

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गेंदे के फूल से हुआ तीन गुना ज्यादा मुनाफा, बना रोजगार का जरिया

फूलों की खेती कामद गांव के किसानों के लिए लाभ का धंधा साबित हो रही है। दर्जन भर से अधिक किसानों ने अपने खेतों में परंपरागत फसलों से तौबा कर फूलों की खेती की तरफ रुझान बढ़ाया है। परिणाम यह रहा कि फूलों की खेती से किसान मालामाल हो रहे हैं। पहले एक दो किसानों द्वारा फूलों की खेती का प्रयोग किया, देखादेख…

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अक्टूबर माह में किसान भाई करें ये कार्य…

धान में जीवाणु झुलसा रोग, जिसमें पतितयों के नोक व किनारे सूखने लगते हैं, की रोकथाम के लिए पानी निकालकर एग्रीमाइसीन 75 ग्राम या स्ट्रेप्टोसाइक्लीन 15 ग्राम व 500 ग्राम कापर आक्सीक्लोराइड का 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। तना छेदक कीट, जिसके आक्रमण से सूखी बाल बाहर निकलती है, जिसे सफेद बाल…

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रोग मुक्त के साथ गरीब मुक्त कर रहा आयुर्वेद

कौन कहता है कि खेती अब घाटे का सौदा है? घाटे का सौदा उसी के लिए हो सकता है जो मेहनत करने से कतराता है। हमारे पास न जाने कितने ऐसे उदाहरण है जो सिद्ध कर देंगे कि खेती एक व्यापार है जिसके द्वारा लाखों करोड़ों रूपये कमाया जा सकता है। देश में अनेकों ऐसे किसान है जो अपने विवेक और पराक्रम से लाखों रूपये …

- विपिन मिश्रा

वनीला से कमाएं लाखों की आमदनी

अगर आप खेती में ज्यादा लाभ कमाना चाहते हैं तो वनीला आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। आप वनीला की खेती करके मोटी कमाई कर सकते हैं। वनीला को फल की कई देशों में खूब मांग है। भारतीय मसाला बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में जितनी भी आइस्क्रीम बनती है, उसमें से 40 प्रतिशत वनीला फ्लेवर की होती हैं।…

- Vipin Mishra

“सक्षम किसान - समृद्ध भारत” मुद्दे, चुनौतियाँ और रणनीति

गत वर्षों की तुलना में ऐसा तो कहा ही जा सकता है कि आज देश का कृषि-उत्पादन रिकाॅर्ड स्तर पर है। विदित हो कि वर्ष 2016-17 में लगभग 27 करोड़ 50 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ ही 30 करोड़ टन फल व सब्जियों का ऐतिहासिक उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन में भी सार्थक वृद्धि हुई है। इसके बावजूद देश के किसानों के हा…

- Dr. K. N. Tiwari

किसानों की आय बढ़ाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट खेती शुरू होगी

किसानों की आय बढ़ाने और खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट खेती अधिनियम ड्राफ्ट पर हितधारकों से सुझाव मांगे है।

- आर एस राना

स्ट्राबेरी की उन्नत खेती

स्ट्राबेरी को लोग बड़े चाव से खाते हैं। यही कारण है कि भारत के प्रमुख शहरों व बाजारों में स्ट्राबेरी आसानी से मिल जाता है। भारत में स्ट्राबेरी की खेती सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में 1960 के दशक से शुरू हुई लेकिन उपयुक्त किस्मों की अनुपब्धता तथा तकनीकी ज्ञान की कम…

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जनवरी माह में पशुधन सम्बन्धित कार्य

पशु हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। पशु दुध देने के साथ-साथ हमारे एकाकी जीवन के साथी भी होते है। गांव में कहावत है कि वो घर कैसा जिसके घर के सामने खूंटे से बंधा को पशु हो न हो। किसान को जो खुशी अपने स्वस्थ गाय, भैंस, बैल को देखकर मिलता है शायद धनी सेठ को अपना सोना देखकर भी नही होता हो…

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देश में दूध के बंपर उत्पादन, स्किम्ड मिल्क पाउडर के बढ़ते स्टॉक से मुश्किल में डेयरी कंपनियां

स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) का उत्पादन खपत से अधिक रहने से भारतीय दुग्ध उद्योग के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। एसएमपी का भंडार मार्च तक बढ़कर 2 लाख टन पहुंच सकता है। दूसरी तरफ दुग्ध सहकारी इकाइयों के पास पहले ही 20 प्रतिशत से अधिक दूध की मात्रा आ रही है, लेकिन इन्हें एसएमपी में तब्दील करने की उनकी…

- विपिन मिश्रा

भूमि में जिंक की कमी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएँ

भूमि में पोषक तत्वों की कमी और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में चोली दामन का संबंध देखा जाता है। उल्लेखनीय है कि खेत की मिट्टी में जिन भी पोषक तत्वों की कमी होगी, निश्चित रुप से उन्हीं पोषक तत्वों की कमी उस खेत से प्राप्त खाद्यान्नों, सब्जी, फल एवं अन्य सभी कृषि उत्पादों में होना तय है। अर्थात् माटी अग…

- डाॅ. के. एन. तिवारी

मिर्च की उन्नत खेती

मिर्च एक नकदी फसल है। इसकी व्यवसायिक खेती करके अधिक लाभ कमाया जा सकता है। यह हमारे भोजन का प्रमुख अंग है। स्वास्थ्य की दृष्टि से मिर्च में विटामिन ए व सी पाये जाते हैं एवं कुछ लवण भी होते हैं। मिर्च को अचार, मसालों और सब्जी के रुप में भी काम में लिया जाता है।

- डॉ. राजूलाल भारद्वाज

पॉली हाउस में सूत्रकृमि का प्रकोप - समस्या व समाधान

देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में कृषि उत्पादन प्रायः सूखे से प्रभावित होता रहता है। राजस्थान के सम्पूर्ण खेती योग्य क्षेत्र का लगभग 70 प्रतिशत भाग बारानी (वर्षा आधारित) है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन से कृषि उत्पादन पर प्रभाव स्पष्ट रुप से देखे जा रहे हैं तथा विगत वर्षों में जलवायु परिवर्तन के पर…

- राम नारायण कुम्हार

जल संरक्षण का महत्व

जल संकट आज भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है। जिस भारत में 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से घिरा हो वहाँ आज स्वच्छ जल उपलब्ध न हो पाना विकट समस्या है, भारत में तीव्र नगरीकरण से तालाब और झीलों जैसे परम्परागत जल स्रोत सूख गए हैं। भारत में वर्तमान में प्रतिव्यक्ति जल की उपलब्धता 2,000 घनमीटर है लेकिन यदि …

- शिवमूरत मीणा

अनार की उन्नत खेती एवं कीट-व्याधि प्रबंधन

अनार पौष्टिक गुणों से परिपूर्ण, स्वादिष्ट, रसीला एवं मीठा फल है। अनार का रस स्वास्थ्यवर्धक तथा स्फूर्ति प्रदान करने वाला होता है। प्रायः अनार के फल ताजे ही खाये जाते हैं। इसके दोनों को धूप में सुखाकर ‘अनार दाना’ भी बना सकते हैं, जिसका उपयोग विभिन्न व्यंजन बनाने में किया जाता है।

- मदनलाल मेघवाल - नीलम

सरसों के प्रमुख नाशी जीवों का जैविक प्रबन्धन

सरसों (ब्रेसिका स्पीसीज) भारत की प्रमुख तिलहनी फसलों में से एक है। इसका उत्पत्ति स्थान यूरोप को माना जाता है। भारत के अघिकतर राज्यों मे सरसों की खेती की जाती है। परन्तु राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा असम में मुख्य रुप से इसकी खेती की जाती है।

- डॉ. मनमोहन कुमार

गेलार्डिया की उन्नत खेती

मानव जीवन में फूलों का महत्वपूर्ण स्थान हैं। फूलों की सुन्दरता मनुष्य को अपनी और आकर्षित करती हैं। प्राचीन एवं धार्मिक प्रवृति वाले देष भारत में फूल सभी धार्मिक रिती-रिवाज तथा त्यौहारो पर उपयोग लिया जाता हैं। मानव जीवन में फूल शुद्धता, सुन्दरता, प्रेम और धैर्य के प्रतीक माने जाते हैं तथा उगाने में आ…

- अशोक चौधरी, आशुतोष मिश्रा, कमल नागर, रामराज मीना

गलघोटू तथा लंगड़ा बुखार - बरसात में होने वाले प्रमुख संक्रामक रोग

बरसात के दिनों में पशुओं में संक्रमित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि मौसम में नमी बढ़ जाती है तथा जीवाणुओं को पनपने के लिए उपयुक्त वातावरण मिल जाता है। बरसात के दिनों में पशुओं में कई संक्रामक बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कि गलघोटू, लंगड़ा बुखार, खुरपका मुँहपका, फिड़किया, न्यूमोनिया, …

- डॉ. विक्रम सिंह देवल

उत्तर प्रदेश के किसानों की सेवा में इफको

उत्तर प्रदेश 241.7 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में अवस्थित है। शुद्ध कृषिगत क्षेत्र 165.6 लाख हैक्टेयर है। यह देश का सबसे बड़ा कृषि उत्पादक राज्य है। यहाँ पर गंगा, यमुना व उनकी सहायक नदियों, नहरों व अन्य स्रोतों द्वारा लगभग 140 लाख हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र है। उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक उर्वरक उपयोग करने व…

- ऋषिपाल, अभिमन्यु राय

मिट्टी की सुगन्ध कहीं खो न जाए

मनुष्य को अपना जीवन चलाने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है। जैसे स्वस्थ शरीर में जब तक प्राण शक्ति का संचार है तभी तक उसे जीवित कहा जाता है। ठीक उसी प्रकार मिट्टी को स्वस्थ रखने में और पौधों का जीवन चक्र चलाने के लिए विभिन्न पोषक तत्त्वों की आवश्यकता होती है। मिट्टी की प्राण शक्ति (जैविक अंश) जितनी अ…

- नरेन्द्र कुमार गोयल

पॉली हाउस में सूत्रकृमि का प्रकोप - समस्या व समाधान

देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में कृषि उत्पादन प्रायः सूखे से प्रभावित होता रहता है। राजस्थान के सम्पूर्ण खेती योग्य क्षेत्र का लगभग 70 प्रतिशत भाग बारानी ;वर्षा आधारितद्ध है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन से कृषि उत्पादन पर प्रभाव स्पष्ट रुप से देखे जा रहे हैं तथा विगत वर्षों में जलवायु परिवर्तन के …

- राम नारायण कुम्हार